चीन से खतरा, इंडो-पैसिफिक में गश्त के लिए स्थायी तौर पर युद्धपोत तैनात करेगा ब्रिटेन

Updated on 18-04-2023 07:18 PM
लंदन: ब्रिटिश सरकार इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थायी तौर पर एक युद्धपोत को तैनात करने की तैयारी कर रही है। इसे मुख्य रूप से चीन की हरकतों पर नजर रखने के लिए तैनात किया जाएगा। यह युद्धपोत अपनी तैनाती के दौरान पूरे इंडो-पैसिफिक की गश्त करेगा। अभी तक ब्रिटिश नौसेना के युद्धपोत मिशन के आधार पर ही इस क्षेत्र में प्रवेश करते हैं। वर्तमान में एशिया में ब्रिटेन के दो मिलिट्री बेस हैं, हालांकि इनमें से किसी पर भी स्थायी तौर पर युद्धपोत की तैनाती नहीं की गई है।


टाइप-31 फ्रिगेट तैनात करेगा ब्रिटेन

रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटिश सरकार का मानना है कि पूरी दुनिया की निगाह एशिया पर है। एक ब्रिटिश अधिकारी ने बताया कि चीन को ताइवान पर हमला करने जैसा कुछ कदम उठाने से रोकने के लिए हमें इंडो पैसिफिक क्षेत्र में उपस्थिति दर्ज करवानी होगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रिटेन कम से कम एक टाइप-31 फ्रिगेट तैनात करने की योजना बना रहा है। पिछले पांच दशकों में ब्रिटेन ने कभी भी एशियाई क्षेत्र में स्थायी तौर पर किसी युद्धपोत को तैनात नहीं किया है।


जापान ने नाटो की भागीदारी का किया स्वागत

जापान ने इंडो-पैसिफिक मामलों में नाटो की बढ़ती भागीदारी का स्वागत किया है। जापान ने कहा कि इंडो-पैसिफिक पूरी दुनिया के लिए काफी महत्वपूर्ण है। ऐसे में नाटो को भी इस इलाके पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। हालांकि, जापानी नेताओं और पूर्व के प्रधानमंत्रियों ने पिछले साल तक नाटो शिखर सम्मेलन और मंत्रिस्तरीय बैठकों में भाग नहीं लिया था। अप्रैल 2023 में, जापानी विदेश मंत्री ने पहली बार एक नाटो मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लिया और अपने स्थायी राजनयिक मिशन को स्थापित किया।

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