बर्लिन/तेल अवीव/रियाद: इजरायल, अमेरिका, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और मिस्र के सैन्य प्रमुखों ने पिछले हफ्ते जर्मनी में ईरान के साथ युद्ध और क्षेत्रीय तनाव को लेकर एक बैठक की है। अमेरिकी खोजी न्यूज वेबसाइट एक्सियोस ने ये रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट के मुताबिक ये मुलाकात एक सुनसान स्की रिसॉर्ट में आयोजित की गई थी। यह निजी बैठक अमेरिकी CENTCOM कमांडर ब्रैड कूपर ने आयोजित की थी और CENTCOM ने 'एक्सियोस' के सामने इसकी पुष्टि भी की है।फरवरी में अमेरिका और इजरायल की तरफ से ईरान के खिलाफ संयुक्त अभियान शुरू किए जाने के बाद से यह इस तरह की पहली बैठक थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन अधिकारियों ने पहले भी ऐसी बैठकें की हैं भले ही इजरायल के कई शामिल अरब देशों खासकर सऊदी अरब और कतर के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। कतर को तो कई प्रमुख इजरायली राजनेताओं ने 'दुश्मन देश' तक कहा है।इजरायल-सऊदी-कतर सैन्य कमांडरों के बीच क्या बात हुई?
रिपोर्ट के मुताबिक बैठक के दौरान IDF चीफ ऑफ स्टाफ एयाल जमीर ने अपने समकक्षों को 'अलग-अलग मोर्चों पर IDF के ऑपरेशन्स' के बारे में जानकारी दी। सूत्रों ने एक्सियोस को बताया है कि इस बैठक में अमेरिकी सेंटकॉम प्रमुख जनरल कूपर ने अपने समकक्षों से कहा कि अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के हमलों के बावजूद अमेरिकी सेना इस इलाके से अपनी सेना को वापस नहीं बुलाएगा।
कूपर ने उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री ट्रैफिक बढ़ाने की अमेरिकी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी। यह एक अहम शिपिंग रूट है जिससे दुनिया की एक-चौथाई ऊर्जा आपूर्ति होती थी लेकिन ईरान ने इस रास्ते की नाकेबंदी शुरू कर दी और यहां से गुजरने वाले जहाजों पर हमले करने लगा। बैठक की पुष्टि करते हुए एक्सियोस को दिए एक बयान में CENTCOM ने कहा कि उन्होंने 'जर्मनी में एक तय कॉन्फ्रेंस के दौरान आठ देशों के सीनियर मिलिट्री लीडर्स की मेजबानी की।'सऊदी अरब की इंटेलिजेंस स्तर पर मदद करेगा इजरायल
बयान में यह भी कहा गया कि सैन्य अधिकारियों ने 'मिडिल ईस्ट में सिक्योरिटी सहयोग बढ़ाने के मौकों पर चर्चा की।' इस मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने एक्सियोस को यह भी बताया कि इजरायल और सऊदी अरब, CENTCOM की मदद से इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि यरूशलेम किस तरह रियाद की मदद कर सकता है।
यह चर्चा दोनों के बीच फिर से शुरू हुए टकराव और ईरान समर्थित समूह द्वारा सऊदी अरब पर किए जा रहे हमलों के बीच हो रही है जिसमें हुती गुट बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) की ओर बढ़ रहा है। सूत्र ने यह भी कहा कि इस बात की संभावना कम है कि इजराइल कोई आक्रामक कदम उठाएगा।