97% मोबाइल यूजर रोज स्पैम या अनचाही कॉल से परेशान: सर्वे में बड़ा खुलासा
Updated on
22-10-2026 11:35 AM
नई दिल्ली: लोकल सर्कल्स के सर्वे के मुताबिक, भारत में 97% मोबाइल यूजर रोज स्पैम या अनचाही कॉल से परेशान हैं। इनमें 79% लोगों को रोज ऐसी तीन या उससे ज्यादा कॉल आती हैं। सर्वे के अनुसार, 73% अनचाही कॉल आम 10 अंकों वाले मोबाइल नंबरों से आती हैं, जो निजी लोगों या कंपनियों के हो सकते हैं। इस समस्या पर लगाम लगाने के लिए केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने नए दिशानिर्देशों का मसौदा पेश किया है। इसके तहत ऐसी कॉल करने वालों के साथ-साथ संबंधित कंपनियों और ब्रांड को भी जिम्मेदार ठहराने का प्रस्ताव है।
12 महीनों में रोजाना औसतन कितनी अनचाही प्रमोशनल कॉल आती हैं?
- 1-2 कॉल: 18%
- 3-5 कॉल: 32%
- 6-10 कॉल: 21%
- 10 से ज्यादा कॉल: 26%
- शायद ही कभी ऐसी कॉल आती हैं / कह नहीं सकते: 3%
12 माह में ज्यादातर अनचाही प्रमोशनल या रोबोटिक कॉल किस तरह के नंबरों से आई हैं?
- कंपनी के एक ही लैंडलाइन नंबर से: 7%
- कंपनी के एक ही टोल-फ्री नंबर से: 13%
- अलग-अलग मोबाइल नंबरों से, जो किसी व्यक्ति के लगते हैं: 45%
- अलग-अलग मोबाइल नंबरों से, जो कंपनियों या ब्रांड के लगते हैं: 28%
- कह नहीं सकते: 8%
अनचाही कॉल के लिए कंपनियों और ब्रांडों की भी तय होगी जवाबदेही
लोकल सर्कल्स के सर्वे में सामने आया कि अनचाही प्रमोशनल कॉल करने के लिए इस्तेमाल होने वाले नंबरों में 45% अलग-अलग मोबाइल नंबर ऐसे थे, जो किसी व्यक्ति के लगते हैं। वहीं, 28% कॉल अलग-अलग मोबाइल नंबरों से आईं, जो कंपनियों या ब्रांड के लगते हैं। केवल 7% लोगों ने कंपनी के एक ही लैंडलाइन नंबर और 13% ने एक ही टोल-फ्री नंबर से ऐसी कॉल आने की बात कही। इन आंकड़ों के बीच केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण के प्रस्तावित दिशानिर्देशों का मकसद अनचाही कॉल के लिए जिम्मेदारी तय करना और उपभोक्ताओं को राहत देना है।