भोपाल। विदेश में पढ़ाई की इच्छा रखने वाले मध्य प्रदेश के कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों का सपना शिवराज सरकार पूरा करेगी। इसको लेकर सरकार 'प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विदेश अध्ययन हेतु छात्रवृत्ति ' योजना चला रही है। इस योजना के तहत आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को सरकार द्वारा छात्रव़त्ति प्रदान की जाती है। इसको लेकर सरकार द्वारा साल में दो बार आवेदन बुलवाए जाते हैं।
क्या है योजना?
शिवराज सरकार द्वारा चलाई जा रही इस योजना का नाम 'प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विदेश अध्ययन हेतु छात्रवृत्ति' योजना है। योजना के तहत हर साल प्रदेश के 20 विद्यार्थियों का चयन किया जाता है, जिन्हे पढ़ाई के लिए सरकार स्कालरशिप उपलब्ध करवाती है। इस योजना का लाभ सभी वर्गों के विद्यार्थियों को दिया जाता है।
क्या है शर्त?
इस योजना का लाभ पाने के लिए सरकार ने आवेदकों के लिए मापदंड निर्धारित किए हैं। इन मापदंडों को पूरा करने वाले आवेदकाेंं को ही इस योजना का लाभ दिया जाता है।
पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए
- ग्रेजुएशन में कम से कम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त हो
- अधितम आयु 25 वर्ष से अधिक न हो
पीएचडी के लिए
- पोस्ट ग्रेजुएशन में संबंधित विषय में परीक्षा में न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक हो
- मध्यप्रदेश के किसी भी कालेज या यूनिवर्सिटी मेंसंबंधित विषय में दो वर्ष का पढ़ाने का अनुभव हो या एमफिल की उपाधि हो
- अधितम आयु 35 वर्ष से अधिक न हो
अन्य शर्तें
- आवेदक मध्य प्रदेश का मूल निवासी हो
- परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से अधिक न हो
- विदेश में एडमिशन प्राप्त कर चुका हो
क्या मिलेगा लाभ?
- विद्यार्थियों को 38 हजार डालर प्रतिवर्ष प्रदान किए जाते हैं
- 2 हजार डालर प्रतिवर्ष किताबें, आवश्यक उपकरण के लिए दिए जाते हैं
क्या है आवेदन प्रक्रिया?
- उच्च शिक्षा विभाग साल में दो बार विज्ञापन जारी करता है
- आवेदनों का परीक्षण किया जाता है
- निर्धारित कोटे की सीमा के तहत चयन किया जाता है
- भुगतान सीधे यूनिवर्सिटी को होगा