भोपाल। मध्य प्रदेश ने केंद्र सरकार की दो बेहद महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरे देश में बाजी मारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश 'प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)' और स्ट्रीट वेंडर्स को आत्मनिर्भर बनाने वाली 'पीएम स्वनिधि योजना' दोनों में ही देश में शीर्ष पायदान पर पहुंच गया है।
प्रदेश में हर जरूरतमंद परिवार को पक्का घर और हर छोटे कारोबारी को संबल देने का संकल्प जमीनी स्तर पर तेजी से साकार हो रहा है।
दिल्ली में केंद्रीय मंत्री से मिले CM डॉ. मोहन यादव
इस बड़ी प्रशासनिक और विकासपरक उपलब्धि के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर से शिष्टाचार भेंट की।
इस उच्च स्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के आगामी चरणों की रूपरेखा, नगरीय विकास के विभिन्न मुद्दों और आगामी उज्जैन सिंहस्थ के लिए विशेष पैकेज को लेकर विस्तृत व सकारात्मक चर्चा हुई।
मंजूर हुए 10 लाख से अधिक घर, 98% का काम जमीन पर शुरू
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 10 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं।
मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि इसमें से 98 प्रतिशत आवासों की 'ग्राउंडिंग' (यानी कागजों से इतर जमीन पर निर्माण कार्य शुरू होना) हो चुकी है, जो देश में सबसे अधिक है।
विभाग के मुताबिक, यह बड़ी सफलता मैदानी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन, लगातार की जा रही निगरानी और समयबद्ध कार्ययोजना का सीधा परिणाम है।
9 लाख से ज्यादा परिवारों का गृह-प्रवेश पूरा
योजना के तहत अब तक 9 लाख से अधिक शहरी गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मकानों का निर्माण कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर उन्हें चाबियां सौंपी जा चुकी हैं।
योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और मध्यम आय वर्ग (MIG) के शहरी परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देना है, जिसमें मध्य प्रदेश सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहा है।