टीवी क्विज शो 'कौन बनेगा करोड़पति 18' के हालिया एपिसोड में दिल्ली से आए कंटेस्टेंट अभिषेक देबशर्मा ने अपनी जिंदगी के संघर्षों की ऐसी कहानी सुनाई, जिसे सुनकर अमिताभ बच्चन भी भावुक हो गए। अभिषेक ने बताया कि उन्हें दो बार जीवनदान मिला है। पहली बार उनकी मां ने उन्हें जन्म देकर और दूसरी बार उनके पिता खोकन देबशर्मा ने अपनी किडनी दान करके उनकी जान बचाई। गंभीर बीमारी, बार-बार अस्पताल में भर्ती होने और आर्थिक तंगी के बावजूद अभिषेक ने हिम्मत नहीं हारी है।शो में अभिषेक ने बताया कि साल 2021 में उनकी किडनी ने काम करना लगभग बंद कर दिया था, जिसके बाद उन्हें लंबे समय तक डायलिसिस करानी पड़ी। बाद में पिता की किडनी ट्रांसप्लांट होने के बावजूद उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई और उन्हें एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों ने उनके बचने की संभावना सिर्फ 20 प्रतिशत बताई थी। इलाज के लिए परिवार की सारी बचत खत्म हो गई और घर तक बेचना पड़ा। फिलहाल अभिषेक फ्रीलांस काम करके अपने इलाज का खर्च उठा रहे हैं और उनका अगला लक्ष्य एक और किडनी ट्रांसप्लांट करवाना है।'दो बार मिला जीवनदान'
अभिषेक देबशर्मा ने शो में बताया कि साल 2021 में उन्हें खाना पचाने में परेशानी होने लगी थी। जब उन्होंने डॉक्टर को दिखाया, तो जांच में पता चला कि उनकी एक किडनी सिर्फ 3 प्रतिशत काम कर रही थी। उस समय अभिषेक की उम्र महज 25 साल थी। किडनी फेल होने के बाद उन्हें हर दो हफ्ते में डायलिसिस करानी पड़ती थी। इस दौरान उन्हें काफी दर्द और परेशानियों का सामना करना पड़ा। करीब एक साल तक डायलिसिस कराने के बाद परिवार ने किडनी ट्रांसप्लांट कराने का फैसला किया।
माता-पिता के योगदान पर बोले
ऐसे मुश्किल समय में अभिषेक के पिता खोकन देबशर्मा ने अपनी किडनी दान करने के लिए खुद आगे आकर सहमति दी। अपने माता-पिता के योगदान को याद करते हुए अभिषेक ने कहा, 'मुझे दो बार जीवनदान मिला है। एक बार मेरी मां की वजह से, और दूसरी बार मेरे पिता की वजह से।'
बेटे की कहानी सुनकर भावुक हुए पिता
शो में मौजूद अभिषेक के पिता खोकन देबशर्मा भी अपने बेटे की बातें सुनकर भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि बेटे को अच्छी जिंदगी देने के लिए वह कुछ भी करने को तैयार थे। उन्होंने कहा, 'मैं बस अपने बेटे के लिए एक अच्छी जिंदगी चाहता था, इसलिए मैं कुछ भी करने के लिए तैयार था।' पिता के इस त्याग ने अभिषेक की जिंदगी को एक नया मौका दिया। हालांकि, किडनी ट्रांसप्लांट के बाद उनकी परेशानियां पूरी तरह खत्म नहीं हुईं और कुछ समय बाद उनकी तबीयत फिर बिगड़ने लगी।किडनी ट्रांसप्लांट के बाद फिर बिगड़ी तबीयत
किडनी ट्रांसप्लांट के बाद अभिषेक की जिंदगी करीब एक साल तक ठीक रही, लेकिन इसके बाद अचानक उनके पेट में तेज दर्द होने लगा। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि उन्हें एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस का अटैक आया है। इस दौरान डॉक्टरों ने उनके बचने की संभावना सिर्फ 20 प्रतिशत बताई थी। इस गंभीर स्थिति का असर ट्रांसप्लांट की गई किडनी पर भी पड़ा और उसे काफी नुकसान पहुंचा। इसके बाद अभिषेक को दोबारा डायलिसिस पर आना पड़ा। एक के बाद एक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों ने उनकी जिंदगी को काफी मुश्किल बना दिया।सात बार ICU में भर्ती हुए अभिषेक
अभिषेक ने बताया कि साल 2021 से अब तक उन्हें सात बार ICU में भर्ती होना पड़ा है। लंबे इलाज और लगातार बढ़ते मेडिकल खर्चों के कारण उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी बिगड़ गई। इलाज के लिए परिवार की सारी बचत खत्म हो गई और उन्हें अपना घर तक बेचना पड़ा। अभिषेक ने बताया कि इस मुश्किल दौर में परिवार का प्यार और एक-दूसरे का साथ ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। तमाम परेशानियों के बावजूद उनके परिवार ने उनका साथ नहीं छोड़ा और उन्हें हिम्मत बनाए रखने में मदद की।फ्रीलांस काम करके उठा रहे हैं इलाज का खर्च
अमिताभ बच्चन ने जब अभिषेक से पूछा कि वह फिलहाल अपने इलाज का खर्च कैसे उठा रहे हैं, तो उन्होंने बताया कि वह फ्रीलांस काम करते हैं। वह कंपनियों के एप्लिकेशन में मौजूद बग्स यानी तकनीकी खामियों को ठीक करने में मदद करते हैं। इसी काम से होने वाली कमाई के जरिए वह अपने इलाज का खर्च उठाने की कोशिश कर रहे हैं। गंभीर बीमारी और आर्थिक परेशानियों के बावजूद अभिषेक अपने भविष्य को लेकर उम्मीद बनाए हुए हैं। उनका अगला लक्ष्य एक और किडनी ट्रांसप्लांट करवाना है, ताकि वह अपनी जिंदगी को बेहतर तरीके से आगे बढ़ा सकें।अभिषेक के हौसले की अमिताभ बच्चन ने की तारीफ
अभिषेक की संघर्ष भरी कहानी सुनने के बाद अमिताभ बच्चन ने उनके हौसले और परिवार के सहयोग की तारीफ की। अभिषेक की कहानी ने दिखाया कि गंभीर बीमारी और मुश्किल आर्थिक हालात के बीच भी परिवार का साथ इंसान को आगे बढ़ने की ताकत दे सकता है। उनके पिता का अपनी किडनी दान करने का फैसला और अभिषेक का लगातार मुश्किलों का सामना करना शो के सबसे भावुक पलों में से एक रहा।