भोपाल में ट्रांसफर आदेश के बाद भी उन्हीं थानों में जमे पुलिसकर्मी, अधिकारी बार-बार आदेश निकालने को मजबूर

Updated on 09-01-2026 05:16 PM

भोपाल। आला अधिकारियों के फरमान पुलिस महकमे में किस तरह हवा में उड़ा दिए जाते हैं, इसका नमूना राजधानी के पुलिस थानों में देखा जा सकता है। जहां अधिकारियों के हस्ताक्षर से जारी ट्रांसफर आदेश थानों तक पहुंचते ही अपनी वैधानिक हैसियत खो देते हैं। हालात यह हैं कि तबादला होने के बावजूद पुलिसकर्मी महीनों तक न पुराने थानों से रवानगी लेते हैं और न ही नई पदस्थापना पर आमद दर्ज कराते हैं।

इस खुली नाफरमानी ने पूरे ट्रांसफर सिस्टम को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है। राजधानी के कई थानों में ऐसे आरक्षक, प्रधान आरक्षक और यहां तक कि उप निरीक्षक (एसआई) तक तैनात हैं, जिनका तबादला छह महीने से लेकर एक साल पहले हो चुका है। कागजों में वे कहीं और पदस्थ बताए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि वे अब भी उन्हीं थानों में आराम से जमे हुए हैं। न किसी को आदेश की चिंता है, न कार्रवाई का डर।

डेढ़ साल बाद दोबारा आदेश निकाला, तब अमल में आया

भोपाल कमिश्नरेट में यूं तो ट्रांसफर आदेश की अवहेलना आम हो चुकी है, लेकिन जब मुख्यालय डीसीपी श्रद्धा तिवारी द्वारा 2024 में निकाले गए आदेश का अमल नहीं हुआ और उन्हें संबंधित पुलिसकर्मियों को थाने से हटाने के लिए दोबारा आदेश जारी करना पड़ा तो एक बार फिर पूरी ट्रांसफर प्रक्रिया की तस्वीर सामने आई। जून 2024 में जहांगीराबाद और बजरिया थाने से एसआई राजकुमार गौतम और उमेश मिश्रा का ट्रांसफर पिपलानी थाने में किया गया था।

साथ ही एसआई संगीता काजले को कोलार से शाहपुरा थाने भेजा था। लेकिन दिसंबर 2025 तक उन्हें थानों से रवानगी ही नहीं दी गई। लिहाजा दोबारा आदेश निकालने पड़े। इसके अलावा अगस्त 2024 में ही जहांगीराबाद से पिपलानी थाने में ट्रांसफर किए गए प्रधान आरक्षक आनंद चौहान अब तक जहांगीराबाद में ही जमे हुए हैं।

वहीं हबीबगंज में पदस्थ हवलदार ओमप्रकाश पाठक, कोहेफिजा के विष्णु प्रताप सिंह और बैरागढ़ के विवेक शर्मा को भी पिछले महीनों में ट्रांसफर किया गया था, लेकिन अब तक वे भी पुराने थानों में जमा हैं। इसके अलावा निशातपुरा थाने से ट्रांसफर हुए यासीन और सितंबर में लाइन से बजरिया भेजे गए शब्बीर खान ने अब तक बजरिया थाने में आमद नहीं दी है।

तो क्या अब ट्रांसफर आदेश बाध्यकारी नहीं?

अनुशासहीनता पर आला अधिकारियों की नरमी से यह साबित हो रहा है कि भोपाल पुलिस में तबादला आदेश अब बाध्यकारी नहीं, बल्कि सुविधानुसार अपनाया जाने वाला विकल्प बनता जा रहा है। जिन पुलिसकर्मियों को नई पोस्टिंग पसंद आती है, वे तुरंत आमद दे देते हैं। लेकिन जहां प्रभाव कम हो, संसाधन सीमित हों या काम ज्यादा हो, वहां आदेश को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। कई मामलों में पुलिसकर्मी महीनों तक लाइन या फिर एक थाने से दूसरे थाने तक नहीं जाते। इस पर न कोई नोटिस, न कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई होती है। इससे यह संदेश साफ जाता है कि आदेश मानना मजबूरी नहीं, बल्कि सुविधा का मामला है।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 24 June 2026
 भोपाल, मध्य प्रदेश के सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) में भर्ती एक मरीज की मौत हो गई। बायोप्सी की तैयारी के दौरान ईएनटी वार्ड में भर्ती मरीज को नर्स ने…
 24 June 2026
भोपाल, यात्रियों के लिए जुलाई में बड़ी परेशानी की खबर है। ललितपुर स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग के चलते भोपाल मंडल से गुजरने वाली ट्रेनों पर व्यापक असर पड़ेगा। रेलवे के अनुसार…
 24 June 2026
भोपाल, राजधानी भोपाल के सुभाषनगर से एम्स के बीच दौड़ रही मेट्रो अगले 2 दिन यानी, बुधवार और गुरुवार को बंद रहेगी। यह आम लोगों के लिए नहीं दौड़ेगी। दो दिन…
 24 June 2026
भोपाल/इंदौर/उज्जैन/ग्वालियर, मानसून दस्तक देने को है, लेकिन एमपी के शहरों की तैयारियां अब भी अधूरी हैं। भोपाल में मेट्रो, फ्लाईओवर, एलिवेटेड कॉरिडोर और चौड़ीकरण की वजह से सड़कें खुदी पड़ी हैं,…
 24 June 2026
भोपाल, शादी का प्रस्ताव ठुकराना किसी भी व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन भोपाल की एक युवती के लिए यह फैसला पिछले एक साल से परेशानी की वजह बना हुआ है। युवती…
 24 June 2026
भोपाल। हुजूर तहसील में कृषि भूमि पर बिना अनुमति विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ मंगलवार को जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया।प्रशासनिक टीम ने…
 24 June 2026
भोपाल। प्रदेश में नागरिकों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए बुधवार को भोपाल के रविंद्र भवन में राज्य स्तरीय साइबर जागरूकता…
 24 June 2026
भोपाल। हाई कोर्ट ने मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल को जीएनएम (तीन वर्षीय नर्सिंग डिप्लोमा) पाठ्यक्रम में 2022-23 में प्रवेश लेने वाले 245 कॉलेजों के 10 हजार विद्यार्थियों का रिजल्ट जारी…
 24 June 2026
भोपाल। नगर निगम की भवन अनुज्ञा शाखा के निर्देश पर मंगलवार को अशोका गार्डन स्थित मंडी चौराहा क्षेत्र में एक चार मंजिला भवन के कई हिस्सों तो तोड़ दिया गया।…
Advt.