काउंसिल से शीघ्र ही परीक्षा परिणाम जारी करने की तैयारी की है। ये वे कॉलेज हैं जो सीबीआई की जांच में उपयुक्त मिले थे।
विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर
वहीं, इसी बैच के अनुपयुक्त और डिफिशिएंट (मापदंडों में कमी वाले) मिलाकर 451 कॉलेजों के विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर है। काउंसिल ने परीक्षा इनकी भी करा ली थी, लेकिन परिणाम हाई कोर्ट के निर्देश पर ही जारी होंगे।
दिसंबर 2025 में इनकी परीक्षा हुई थी। परिणाम जारी नहीं होने से ये विद्यार्थी पिछले चार वर्ष से उसी कक्षा में हैं, जबकि जीएनएम प्रथम वर्ष मात्र 11 माह का होता है।
355 कॉलेज हुए जांच में फेल
बता दें कि मापदंडों के संबंध में नर्सिंग कॉलेजों में फर्जीवाड़ा सामने आया था। ला स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल की याचिका पर हाई कोर्ट ने सीबीआई से नर्सिंग कॉलेजों की जांच कराई थी। इसमें जिन कालेजों में संसाधन निर्धारित मानक के अनुसार मिले थे उन्हें जांच एजेंसी ने उपयुक्त बताया था। 355 कॉलेजों को अनुपयुक्त और 96 को डिफिशिएंट बताया था।
नए कॉलेजों की मान्यता 15 जुलाई तक जारी होगी
नर्सिंग कालेजों का फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद हाई कोर्ट के निर्देश पर पहली बार इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) के नियमों के अनुसार प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश होंगे।
मान्यता से लेकर प्रवेश तक का कैलेंडर आईएनसी के अनुसार रहेगा। शैक्षणिक सत्र 2026 -27 के लिए मान्यता की प्रक्रिया चल रही है। मापदंड पूरा करने वाले कालेजों की मान्यता 15 जुलाई तक जारी कर दी जाएगी।
सूत्रों ने बताया कि नए और नवीनीकरण मिलाकर 350 कालेजों के आवेदन आए हैं, जबकि बीते सत्र में 327 कालेजों को मान्यता मिली थी। पहली बार इंडियन नर्सिंग काउंसिल के मापदंडों के अनुसार प्रवेश होंगे। कालेजों की मनमानी नहीं चलेगी, सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग कराई जाएगी। 30 सितंबर तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।