भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं व 12वीं की पूरक परीक्षा के दौरान राजधानी में एक परीक्षा केंद्र में गड़बड़ी को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के खिलाफ जांच के मामले में 20 दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जबकि तीन दिन में भी ही रिपोर्ट मांगी गई थी। अब इस मामले की जांच स्कूल शिक्षा विभाग ने भोपाल के संभागीय संयुक्त संचालक अरविंद कुमार चौरगढ़े की अगुआई वाली समिति को सौंपी है। यह समिति जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) अंजनी कुमार त्रिपाठी की भूमिका की जांच करेगी। यह कमेटी 10 दिन में लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआइ) की आयुक्त अनुभा श्रीवास्तव को रिपोर्ट देगी। यह जांच माशिमं के सचिव के पत्र के आधार पर की जा रही है।
यह है मामला
दरअसल, माशिमं की 10वीं व 12वीं की पूरक परीक्षा 17 जुलाई से शुरू हुई थी। इसमें पहले ही दिन भोपाल जिले में शिवाजी नगर स्थित सरोजनी नायडू कन्या विद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। डीईओ की मांग पर माशिमं ने एक सप्ताह पहले इस परीक्षा केंद्र को बदल दिया था। जिसकी जानकारी डीईओ ने संबंधित स्कूलों को नहीं दी, न ही परीक्षार्थियों तक यह सूचना पहुंची। नतीजा यह हुआ कि इस केंद्र पर विद्यार्थी परीक्षा देने पहुंच गए, जिससे उन्हें परेशानी उठानी पड़ी। इन परीक्षा केंद्र के विद्यार्थियों का पेपर सुबह के बजाय परिवर्तित परीक्षा केंद्र में दोपहर में लिया गया था।
डीईओ ने माशिमं के अधिकारियों को दोषी बताया था
परीक्षा केंद्र में लापरवाही का ठीकरा डीईओ अंजनी कुमार त्रिपाठी ने माशिमं के अधिकारियों पर फोड़ा था। इस पर मंडल सचिव ने परीक्षा केंद्र बदलाव में कहां लापरवाही हुई, इसे सिलसिलेवार बताते हुए डीईओ त्रिपाठी पर कार्रवाई के लिए लोक शिक्षण संचालनालय की आयुक्त अनुभा श्रीवास्तव को पत्र लिखा। साथ ही पत्र में तीन दिन में अनुशासनात्मक कार्रवाई कर अवगत कराने के लिए भी कहा गया था। अब आयुक्त ने मामले की जांच संभागीय संयुक्त संचालक अरविंद कुमार चौरगढ़े को सौंपी है। जेडी चौरगढ़े ने जांच के लिए उप संचालक कनक प्रसाद समेत दो सहायक संचालकों को नियुक्त किया है।