भोपाल। आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली एवं मप्र संस्कृति विभाग के सहयोग से उत्कर्ष लोक एवं जनजातीय कलाओं का राष्ट्रीय महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। महोत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश का अजी लामू नृत्य, हिमाचल प्रदेश का सिरमौरी नाटी, छत्तीसगढ़ का पंथी नृत्य, राजस्थान का कालबेलिया नृत्य, असम का तिवा, हरियाणा का फाग, उप्र का मयूर रास व अन्य राज्यों के नृत्यों की प्रस्तुति दी गई। इस दौरान 12 राज्यों के कलाकारों ने लोकनृत्य के माध्यम से अपने राज्य की संस्कृति की झलक मंच पर प्रस्तुत की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कोर कमांडर भोपाल लेफ्टिनेंट जनरल विपुल सिंघल उपस्थित रहे। इनके साथ संगीत नाटक अकादमी दिल्ली के सचिव राजू दास एवं अन्य अधिकारी, कर्मचारी व दर्शक मौजूद रहे।
कर्नाटक के पूजा कुनिथा नृत्य की दी प्रस्तुति
कर्नाटक से आए कलाकारों ने पूजा कुनिथा नृत्य की प्रस्तुति दी, इस दौरान उन्होंने देवी शक्ति की उपासना को नृत्य के माध्यम से दिखाने की कोशिश की। इस नृत्य में नर्तक बांस से बने एक ढ़ांचा है, जो साड़ियों और फूलों से ढंका होता है। जिसे कलाकारों ने अपने हाथ और सिर पर रखकर नृत्य कौशल दिखाया। इसके बाद गुजराज के मणीयारो रास लोक नृत्य की प्रस्तुति दी गई। इस दौरान कलाकार डांडियों के साथ सांगीतिक रास को प्रस्तुत किया। प्रस्तुति में ढोल, शहनाई, हारमोनियम जैसे वाद्यों का इस्तेमाल किया। साथ ही मणीयारो रास के दौरान गायकों ने धार्मिक गीत गए।