
हंसते-हंसाते तनाव रहित जीवन जीने की कला सिखाने वाली आध्यात्मिक संस्था आर्ट ऑफ लिविंग का मेगा हैप्पीनेस प्रोग्राम आनंद की अनुभूति चार दिवसीय शिविर 19 जनवरी गुरुवार से प्रारंभ हो रहा है जिसमें महिला पुरुष सहित 108 से अधिक प्रतिभागी सुबह और शाम के दो चरणों में सुदर्शन क्रिया के माध्यम से तनाव रहित जीवन जीने की कला सीखेंगे।
दो चरणों में आयोजित शिविर में प्रशिक्षण के लिए केंद्र प्रमुख और वरिष्ठ प्रशिक्षक संतोष देवताले, रजनी अगरवाल, स्नेहा मुंगी, विजय दुंबानी, दीपाली पंडित सहित सभी शिक्षक प्रशिक्षण देंगे। संस्था के ग्रामीण क्षेत्र के प्रशिक्षक रविंद्र पंडित और साधक आशीष कपड़िया ने बताया कि शिविर का समय सुबह 6 से 9 बजे तक रहेगा और शाम को 5.30 से 8.30 बजे तक रहेगा। यह शिविर सुंदरनगर पांच पांडव मंदिर के पीछे स्थित श्रीश्री ज्ञान मंदिर सभागृह में आयोजित होगा।
ज्ञात हो सुदर्शन क्रिया के माध्यम से मनोविकार संबंधी सभी रोगों के उपचार के साथ सकारात्मक सोच के साथ वर्तमान में जीने की कला के गुर सिखाए जाते हैं। इंदिरा कॉलोनी स्थित आकृति योगा सेंटर के सभागृह में बीती रात संपन्न हुई संस्था की वॉलेंटियर्स मीट में केंद्र प्रमुख देवताले ने सभी साधकों को संबोधित करते हुए हुए बताया कि हम सभी एक साथ मिलकर सृष्टि का अनमोल उपहार सुदर्शन क्रिया को इस नए वर्ष में घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लेते हैं।
देश में कोरोना की तीसरी लहर की संभावनाओं को देखते हुए हमारा दायित्व है कि सुदर्शन क्रिया का गुरु ज्ञान घर घर तक पहुंचे। यह क्रिया हमारी फेफड़ों की स्वसन क्षमता को असीमित ढंग से बढ़ाती है तथा यह रक्त शुद्धीकरण का सर्वोत्तम माध्यम है। इसलिए हम समाज हित में अधिक से अधिक नगर वासियों को इस शिविर का लाभ प्रदान करेंगे।
22 फरवरी को होगा समापन
चार दिवसीय शिविर का समापन रविवार 22 जनवरी को होगा। उल्लेखनीय है कि आर्ट ऑफ लिविंग संस्था बुरहानपुर शहर में विगत 16 वर्षों से सेवा साधना और सत्संग के माध्यम से लोगों तक गुरु ज्ञान का संदेश पहुंचा रही है। वर्तमान में 7000 से अधिक महिला पुरुष इस संस्था से जुड़े हुए हैं।