
बॉलीवुड एक्ट्रेस रवीना टंडन गुरुवार को भोपाल आईं। यहां वे इंटरनेशनल वन मेले में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि हमने कबूतर, बंदर, चमगादड़ और बहुत उल्लू पाले हैं। अगर हमें इस धरती पर रहने का हक है, तो जानवरों और परिंदों का भी बराबर हक है। उनका ये हक हम इंसान उनसे नहीं छीन सकते। रवीना टंडन ने कहा कि मध्यप्रदेश मेरा मायका है।
रवीना ने मंच पर दिखाया प्रकृति प्रेम
रवीना टंडन ने कहा कि हमारी मां के पास घाेंसला था। उसमें ताेते का बच्चा था। मां ने उसे रखा। इसके अलावा हमने बहुत सारे रेस्क्यू के काम किए हैं। मुझे याद है कि एक बार एक मकान की छत से चमगादड़ का बच्चा गिर गया था। हम उसे कंबल में लपेट कर ले गए थे।
हमने कबूतर, बंदर, चमगादड़ और बहुत से उल्लू पाले हैं। मैं सोशल मीडिया पर फोटोज भी शेयर करती रहती हूं। भगवान ने इस धरती पर हर प्राणी, पशु, पक्षी को किसी कारण से बनाया है। किसी का वेस्टेज नहीं है। चाहे वो चींटी हो या हाथी, हर किसी को किसी न किसी काम के लिए बनाया है। अगर हमें इस धरती पर रहने का हक है, तो उनका भी हक है। हम इंसान उनका ये हक नहीं छीन सकते।
विकास के साथ प्रकृति भी जरूरी
रवीना ने कहा कि हर जगह के लिए डेवलपमेंट जरूरी है। उतना ही जरूरी वाइल्ड लाइफ और प्रकृति भी है। पर्यावरण और विकास दोनों को ध्यान में रखकर काम करना चाहिए। दूसरे प्रदेशों की तुलना में मध्यप्रदेश में ये अच्छी तरह निभाया जा रहा है।
रवीना ने बताया उनका नाम कैसे 'रवीना' पड़ा
मंच पर रवीना टंडन ने अपने नाम का भी अर्थ बताया। ये भी बताया कि ये नाम कैसे पड़ा। रवीना ने कहा कि पिता का नाम रवि टंडन है। मां का नाम वीना टंडन है। जब मैं छोटी थी, तो माता-पिता ने सोचा था कि रवि और वीना का मिलाप से कोई नाम हो, तो मेरा नाम रवीना रखा। पापा का नाम रवि मतलब वो तो सूरज हुए, उनकी किरणें मैं ही हूं।
रवीना का कहना है कि मध्यप्रदेश से हमारा रिश्ता रहा है। मैं बार-बार जरूर आउंगी। हमारे पापा, दादा मध्यप्रदेश के हैं। मैं अपने भाई को यहां छोड़ गई थी, भोपाल मेरा मायका है।
नोटिस के बाद नाराज थीं, वन मंत्री ने मनाया
STR (सतपुड़ा टाइगर रिजर्व) के टाइगर मूवमेंट एरिये में फोटोग्राफी पर मिले नोटिस से रवीना नाराज थीं। उनसे वन मंत्री विजय शाह ने खुद बात की। वे मेले में आने के लिए मान गईं। वह वन विभाग की बतौर मेहमान बनकर आई हैं।
टाइगर के करीब जाने के मामले में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि गलत स्टोरी थी। मुझे MP सरकार ने बतौर वाइल्ड लाइफ के लिए ब्रांड एंबेसडर इनवाइट किया है। कोई कंट्रोवर्सी नहीं है। भोपाल आने की जानकारी रवीना टंडन ने सोशल मीडिया पर भी दी थी। उन्होंने प्रधान मुख्य वन संरक्षक पुष्कर सिंह के लेटर को भी अपलोड किया था।
कबीर कैफे की प्रस्तुति के दौरान मौजूद रहीं
रवीना टंडन कबीर कैफे की प्रस्तुति के दौरान मौजूद रहीं। रात में यह प्रस्तुति हुई। गुरुवार को ही इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें विभिन्न स्कूल के विद्यार्थी शामिल हुए। शाम 4 से 6 बजे तक सम्राट म्यूजिकल ग्रुप आर्केस्ट्रा की प्रस्तुति दी।