
भोपाल। मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) के पुन: अध्यक्ष चुने गए अपर मुख्य सचिव एसीएस जेएन कंसोटिया ने कहा था कि उनके अलावा किसी और को अवसर दिया जाना चाहिए। लेकिन संघ के अधिकारी, कर्मचारी नहीं माने और उन्हें ही चुना गया है।
कंसोटिया को रविवार हिंदी भवन में हुई आमसभा में अध्यक्ष चुना गया। इसमें आय—व्यय पेश किया गया और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई है। वहीं अनुशासनहीनता के आरोपों से घिरे ग्वालियर अजाक्स जिला अध्यक्ष मौर्य को हटाकर दूसरा अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
प्रांतीय महासचिव (प्रशासन/ समन्वय) इंजीनियर एसएल सूर्यवंशी ने बताया कि अध्यक्ष जेएन संसोटिया की मंशा थी कि वह पूर्व से अध्यक्ष हैं, इसलिए दूसरे लोगों को अवसर मिलने चाहिए, ताकि संघ और तरक्की करें और संगठन में नेतृत्व क्षमता भी उभरे है लेकिन संघ के सदस्यों ने यह तय किया कि आगे भी जेएन कंसोटिया के नेतृत्व में ही आगे बढ़ेंगे। बाद में सदस्यों की मंशा का जेएन कंसोटिया ने भी स्वागत किया है।
नया अध्यक्ष नियुक्त, पुराने पर होगी एफआईआर
अजाक्स ने ग्वालियर में नए अध्यक्ष की नियुक्ति कर दी है और पुराने पर एफआईआर दर्ज कराने का फैसला लिया है। संघ के प्रवक्ता विजय श्रवण ने बताया कि पूर्व अध्यक्ष पर भ्रम फैलाने के आरोप है। मामले पर विधिक पक्ष रखते हुए इंजीनियर एमसी अहिरवार ने सभा में उपस्थित लोगों को संवैधानिक पहलु से अवगत करा दिया है। जिसमें मौर्य के खिलाफ अनुशासनहीनता तथा आर्थिक अनियमित की बात उजागर हुई। उनके कृत्य से संगठन की छवि पर असर पड़ा है। उन्हें प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया जाएगा।
सूर्यवंशी ने पेश किया एजेंडा
आमसभा की शुरूआत संविधान निर्माता डाक्टर भीमराव आंबेडकर तथा जननायक बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। संगठन के पदाधिकारियों ने भीमराव आंबेडकर व जननायक बिरसा मुंडा के योगदान को याद किया और समाज के लोगों को उनके जीवन से सीख लेने की बात कही। यह भी कहा कि जिस तरह समाज के लोगों ने संघर्ष कर देश, राज्य व समाज के लिए योगदान दिया, उनके बताए कदमों पर आगे बढ़ते जाना है। आमसभा में प्रांतीय महासचिव (प्रशासन/ समन्वय) इंजीनियर एसएल सूर्यवंशी ने आमसभा के प्रस्तावित कार्य एजेंडा की प्रस्तावना रखी। इसमें जिला अध्यक्षों ने अपने विचार रखें।