भोपाल। राजधानी में रह रहे मराठी समाज के लोग घरों में छह दिनों तक मल्हारी मार्तंड खंडोबा की आराधना की शुरुआत हो गई है। मार्गशीर्ष षष्ठी (चंपा षष्ठी) 18 दिसम्बर तक मल्हारी मार्तण्ड का छह दिवसीय खंडोबा नवरात्र मनाया जा रहा है। छह दिन तक समई (नंदादीप) लगाए जाएंगे। इस दौरान समाज के लोग सात्विक जीवनशैली अपनाकर व्रत रखते हुए पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
पर्व का महत्व
इस छह दिवसीय पर्व को मराठी समाज की ओर से नवरात्र की तरह मनाया जाता है। इसे खंडोबा नवरात्र के रूप में मनाया जाता है। इस दौरान कुलदेवता के रूप में खंडोबा की पूजा-अर्चना की जाती है और कई श्रद्धालु व्रत रखते हैं। शहर में स्थित मराठी समाज के खंडोबा मंदिर में भी इन छह दिनों में विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है।
खंडोबा मंदिर में होंगे आयोजन
शहर के शास्त्री नगर साई मंदिर परिसर में बने खंडोबा मंदिर में भी चंपा षष्ठी पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। यहां विराजमान खंडोबा की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी और चंपा षष्ठी पर हल्दी, खोपरा उड़ाया जाएगा। इस मौके पर मंदिर में अनेक अनुष्ठान होंगे और बड़ी संख्या में यहां श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचेंगे।
शिव भैरव के अवतार हैं मल्हारी मार्तंड
मराठी समाज के नितिन अवसरकर ने बताया कि 84 भैरव में से मल्हारी मार्तंड खंडोबा भी एक हैं। महाराष्ट्र में निवासरत अनेक परिवारों के यह कुल देवता हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान शंकर ने मल्हारी मार्तंड का रूप धारण कर मणिमल्ल नामक राक्षस का वध किया था। यह दिन चंपा षष्ठी का था। छह दिवसीय इस महोत्सव को हर साल काफी धूमधाम से मराठी परिवारों में मनाया जाता है और विशेष पूजा-अर्चना के साथ अनेक आयोजन होते हैं। जिस तरह नवरात्र का व्रत रखकर पूजा अर्चना की जाती है, इसी तरह इसे भी छह दिवसीय नवरात्र पर्व के रूप में मनाया जाता है।