भोपाल। संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (यूनिडो) की टीम ने गुरुवार को नगर निगम के कचरा कलेक्शन वाहनों के साथ डोर-टू-डोर फीडबैक लिया। इस दौरान रहवासियों से पूछा कि सीएनजी वाहन आते हैं कि नहीं? इससे कालोनियों में ईंधन से होने वाले प्रदूषण में कमी आई क्या? इसके साथ ही यूनिडो की टीम आदमपुर छावनी स्थित लैंडफिल साइट व गोविंदपुरा कचरा ट्रांसफर स्टेशन का निरीक्षण भी किया।
यूनिडो ने की है आर्थिक मदद
बता दें कि यूनिडो ने नगर निगम को 250 सीएनजी कचरा वाहनों को खरीदने के लिए 10 करोड़ रुपये दिए हैं। निगम ने यूनिडो की सहायता से 100 सीएनजी वाहन खरीद लिए हैं। जबकि 125 वाहन भी जल्द आने वाले हैं। इन वाहनों से डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन किया जा रहा है। इससे रहवासी कालोनियों में प्रदूषण की कमी आई है। वहीं, ईंधन के रूप में होने वाले खर्च से भी निगम को राहत मिल गई है। सीएनजी वाहनों का सही ढंग से उपयोग हो रहा है या नहीं? इसका फीडबैक लेने यूनिडो की टीम राजधानी पहुंची है। बुधवार को निगम कमिश्नर फ्रैंक नोबल ए से मुलाकात के बाद गुरुवार को टीम भेल पहुंची। यहां जोन क्रमांक 14 के अवधपुरी क्षेत्र में डोर-टू-डोर कलेक्शन देखा।
कर्मचारियों ने डोर-टू-डोर कलेक्शन के बारे में बताया
यूनिडो के सदस्य नगर निगम की डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की टीम के साथ भेल की कालोनियों में पहुंची। कचरा वाहन पर तैनात अमले व अन्य सफाई मित्रों से चर्चा की। जहां निगम के मैदानी अमले ने बताया कि डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के तहत घरों से कचरा अलग-अलग डस्टबिन में लिया जाता है, फिर कचरा वाहनों में अलग-अलग बनाए गए कम्पार्टमेंट में गीला-सूखा कचरा अलग रखते हैं। इसके बाद इसे निष्पादन स्थल तक पहुंचाया जाता है।
कचरे को लैंडफिल साइट भेजने की प्रक्रिया को समझा
यूनिडो की टीम ने गोविन्दपुरा स्थित कचरा ट्रांसफर स्टेशन देखा। यहां मौजूद कर्मचारियों से कचरे के निष्पादन और कचरे को काम्पेक्ट कर आदमपुर छावनी भेजने की प्रक्रिया की जानकारी ली। इसके बाद टीम आदमपुर छावनी पहुंची। जहां 400 टन क्षमता के बायो सीएनजी प्लांट को देखा। इस दौरान दल के सदस्य डा. नीरज नेगी, डा. एलेक्सजेंडर एलेक्स, यूनिडो के अधिकारी डा. एनपी सिंह व बीआर मिश्रा के अलावा निगम के सहायक यंत्री सौरभ सूद, प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी राकेश शर्मा, उपयंत्री विकास मरकाम उपस्थित रहे।