भोपाल/चन्द्र मोहन दुबे
किसी जमाने मे अपने हठ के लिए प्रसिद्ध उमाभारती अब स्वार्थी हो गईं है।अब आम जनता भी कहने लगी कि उमाभारती की किसी भी बात पर भरोसा नहीं किया जा सकता क्योंकि पहले शराबबंदी की बात करके सनसनी मचा देना फिर कुछ दिन गोल हो जाना फिर एक बार आकर अब शराब कैसे बेंचे इसके लिए अड़ जाना।आखिर हो क्या गया उमाभारती को या तो उम्र हावी हो रही या लालच।ये तो बक्त ही बताएगा इतना जरूर है जो उमाभारती के सहारे शिवराज के सिंघसन को हिलाने की सोच रहे थे अब बे सिर पटक पटक कर कह रहे अब साथ नही देना उमाभारती का।
कान पकड़ कर सब शांत हो गए।अब खूब शराब पियो जी भरकर।