
आदिवासी वोट बैंक का रुझान एक जैसा
आमतौर पर गुजरात, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आदिवासी वोट बैंक का रुझान एक जैसा ही रहता है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के चुनाव परिणाम में इसकी साफ साफ झलक दिखी। दोनों राज्यों में 2018 में भाजपा की हार की बड़ी वजह आदिवासी सीटों पर मिली पराजय भी मानी जाती है।
ऐसे नेताओं को लगाया चुनाव प्रबंधन में
यही वजह थी कि भाजपा ने गुजरात से लगे सीमावर्ती विधानसभा क्षेत्रों में गुजरात के आदिवासी नेता और कार्यकर्ताओं को चुनाव प्रबंधन में लगाया था। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में एसटी वर्ग के लिए 47 सीटें सुरक्षित हैं, जिनमें भाजपा को 24 सीटें मिलीं। पिछले चुनाव में यह संख्या 16 थी। राजस्थान में भी 25 में भाजपा की सीट नौ से बढ़कर 12 हो गईं।
सत्ता की चाबी आदिवासी मतदाताओं के हाथों में