
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को प्रचंड जनादेश मिला है। 10 वर्ष बाद भाजपा को 230 सदस्यीय विधानसभा की 163 सीटों पर विजय मिली है। इससे पहले 2003 में भाजपा को 173 और 2013 में 165 सीटों पर जीत मिली थी। वर्ष 2018 में भाजपा सत्ता से बाहर हो गई थी। 17 नवंबर को हुए मतदान के बाद रविवार को हुई मतगणना में कांग्रेस ने 66 और एक सीट पर भारत आदिवासी पार्टी के प्रत्याशी ने जीत हासिल की है।
इससे स्पष्ट है कि मतदाताओं ने एक बार फिर भाजपा के पक्ष में जनादेश दिया है। नई सदी के पांचवें विधानसभा चुनाव में भाजपा को चौथी बार विजय प्राप्त हुई है। भाजपा ने एससी वर्ग के लिए सुरक्षित 35 सीटों में से 25 और कांग्रेस ने 10 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं एसटी वर्ग की 47 सीटों में भाजपा को 25 और कांग्रेस को 21 और एक सीट भारत आदिवासी पार्टी को मिली है।
पिछले चुनाव में भाजपा को 16 और कांग्रेस को 30 एसटी सुरक्षित सीटों पर विजय प्राप्त हुई थी। 10 वर्ष पूर्व की स्थिति देखी जाए तो भाजपा अब भी आदिवासी वर्ग में छह सीट पीछे है। कुछ हद तक आदिवासी वर्ग का भरोसा वापस पाने में भाजपा सफल रही है।
भाजपा ने इस चुनावों में सीटों की संख्या में बड़ी वृद्धि हासिल करने के साथ ही अपना मत प्रतिशत भी बढ़ाया है। पार्टी को 48.55 प्रतिशत मत मिले हैं, जबकि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में 41.02 प्रतिशत मत मिले थे।
इस चुनाव में उसे 7.53 प्रतिशत वोट ज्यादा मिले हैं। उधर, सीटों की बात करें तो पार्टी ने वर्ष 2018 की तुलना में 54 सीटें ज्यादा जीती हैं। हालांकि, कांग्रेस का मत प्रतिशत मात्र 0.49 प्रतिशत कम हुआ है पर सीटें 114 से घटकर 66 रह गई हैं। उसे 48 सीटों का नुकसान हुआ।
भाजपा ने मध्य प्रदेश में नरेन्द्र मोदी का चेहरा सामने रखकर ही चुनाव लड़ा था। मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किए बिना भाजपा ने सामूहिक नेतृत्व के साथ मध्य प्रदेश में पूरी ताकत झोंक दी थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 रैलियां और इंदौर में रोड शो कर दस दिन में मध्य प्रदेश को मथ दिया था।
भाजपा के इस विजय अभियान में महिला, युवा, किसान और आदिवासी वर्ग ने अहम भूमिका निभाई। भाजपा को मिली प्रचंड विजय के पीछे महिलाओं का एकतरफा मतदान अहम कड़ी है। यह साबित करता है कि लाड़ली बहना योजना भाजपा के लिए गेमचेंजर बनी। लाड़ली बहना योजना मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लागू की थी। इस बार 76.03 प्रतिशत महिलाओं ने मतदान किया, जो पिछले चुनाव से दो प्रतिशत अधिक है।