
परीक्षा परिणाम का आकलन अर्द्धवार्षिक परीक्षा (20 अंक), लिखित परीक्षा (60 अंक) और प्रोजेक्ट कार्य (20 अंक) के आधार पर किया जाएगा। इस बार प्रश्नपत्रों में बदलाव किया गया है। प्रत्येक विषय में दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या कम होगी, जबकि अति लघुउत्तरीय और लघुउत्तरीय प्रश्नों की संख्या अधिक रखी जाएगी।
साथ ही 10 अंक के वस्तुनिष्ठ प्रश्न भी शामिल होंगे। अर्द्धवार्षिक परीक्षा का आयोजन भी ब्लू प्रिंट के आधार पर किया जाएगा। सरकारी स्कूलों के लिए प्रश्न-पत्र राज्य स्तर से तैयार कराए जाएंगे, जबकि निजी स्कूलों को ब्लू प्रिंट के अनुसार स्वयं प्रश्न-पत्र तैयार करने होंगे।
दोनों कक्षाओं में पांच अंक के चार दीर्घ उत्तरीय प्रश्न होंगे। वहीं छह-छह प्रश्न अति लघुउत्तरीय व लघुउत्तरीय होंगे। इसके अलावा पांच बहुविकल्पीय व पांच रिक्त स्थान के प्रश्न होंगे।
प्रत्येक विषय की लिखित परीक्षा व आंतरिक मूल्यांकन में अलग-अलग न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना आवश्यक होगा। प्रत्येक विषय के बाह्य एवं आंतरिक मूल्यांकन में न्यूनतम अर्हकारी अंक प्राप्त नहीं करने वाले विद्यार्थियों को पुन: परीक्षा में शामिल होना होगा। पुन: परीक्षा में भी फेल होने वाले विद्यार्थियों को उसी कक्षा में रोका जाएगा।