भोपाल। देश की राजधानी दिल्ली में संसद पर आतंकी हमले की बरसी के दिन ही दो-तीन युवक सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए जिस तरह लोकसभा की दर्शक दीर्घा में पहुंच गए और फिर वे सदन में कूदकर स्मोक बम सरीखी सामग्री से धुआं छोड़ने में समर्थ हो गए, उससे देशभर में हड़कंप मचा है। इस घटना से संसद में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठ गए हैं।
हरदम रहती है तगड़ी सुरक्षा
बहरहाल, इस संदर्भ में अगर मप्र विधानसभा में सुरक्षा के इंतजामों को देखें तो यहां कोई भी बाहरी व्यक्ति बगैर पास या परिचय पत्र के प्रवेश नहीं कर सकता है। पूरे विधानसभा परिसर में सुरक्षा के लिए विशेष बल तैनात रहता है। इसके अलावा जब विधानसभा का सत्र चल रहा होता है तो उस वक्त अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की भी तैनाती की जाती है। इसमें जिला पुलिस बल का भी सहयोग लिया जाता है।
विजिटर्स के लिए ऐसी है व्यवस्था
मप्र विधानसभा में विजिटर्स के लिए विधानसभा सचिवालय द्वारा पास जारी किया जाता है। यह पास किसी विधायक या अन्य गणमान्य व्यक्ति की अनुशंसा पर ही जारी किया जाता है। इसके अलावा विधानसभा में प्रवेश करने के लिए विजिटर्स के पास वैध पहचान पत्र होना चाहिए। पास में बाकायदा इस बात का उल्लेख होता है कि संबंधित व्यक्ति अध्यक्षीय दीर्घा समेत किस दीर्घा में जाकर बैठ सकता है।
दो जगह सुरक्षा जांच
विधानसभा में पहुंचने वाले विजिटर्स को दो जगहों पर सुरक्षा जांच से गुजरना होता है। पहले तो गेट तैनात सुरक्षाकर्मी उनकी चेकिंग करते हैं। इसके बाद दीर्घा में प्रवेश से पहले उनकी चेकिंग होती हैं। यहां उनके जूते-चप्पल उतरवा लिए जाते हैं। उनका मोबाइल भी बाहर ही रखवा लिया जाता है। यहां तक कि विजिटर्स खाने-पीने की सामग्री लेकर भी दीर्घा में प्रवेश नहीं कर सकते।