
भोपाल। डीबी माल में रविवार दोपहर सवा चार बजे के रीवा के चिरूहर कालोनी निवासी 37 वर्षीय प्रशांत चतुर्वेदी के सीने में तेज दर्द उठा , देखते ही देखते वह जमीन पर गिर गए। यह देखकर आसपास अफरा - तफरी मच गई। उसके साथ आए युवक ने लोगों से मदद मांगी, यह देखकर नर्मदापुरम से माल घूमने आए डाक्टर और एम्स की महिला डाक्टर ने उनकी मदद की,इस दौरान उनको सीपीआर(कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) यह भी एक तरह की प्राथमिक चिकित्सा यानी फर्स्ट एड है। उसे देकर डाक्टरों जान बचाने की कोशिश की, उनकी हालत सुधार भी हुआ, लेकिन माल में आपातकालीन स्वास्थ्य उपकरण ही उपलब्ध नहीं थे। बाद में उन्हें निजी अस्पताल पहुंचाया। जहां उनको मृत घोषित कर दिया गया।
एमपीनगर थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि प्रशांत चतुर्वेदी अपने किसी दोस्त के साथ दोपहर में माल घूमने आए थे,वह जब ग्राउंड फ्लोर पर थे,अचानक से उनके सीने में तेज दर्द उठा और जमीन पर लेट गए। चश्मदीद अमित कुमार ने बताया कि माल में आए लोगों ने उनको चारों तरफ से घेर लिया, लेकिन कोई उनकी मदद नहीं कर पा रहा था। उनका दोस्त ने आसपास मदद मांगी तो दो डाक्टर मिले। उन्होंने मौके पर उनको सीपीआर देकर उनकी जान बचाने की कोशिश की। बाद में डाक्टर ने माल के सुरक्षा अधिकारियों ने माल में उपलब्ध रहने वाले आपातकालीन सुरक्षा उपकरण मांगे, लेकिन वह उपलब्ध नहीं थे। इस चिकित्सक नाराज भी हुए,बाद में लोगों ने युवक को ऐसी हालत में कुर्सी पर बिठा दिया। बाहर लाने के काफी परेशानी हुई। इससे डाक्टर नाराज भी हो गए। चश्मदीद अभिजीत कुमार ने बताया कि एंबुलेंस ने भी आने में विलंब किया, इससे उनको उपचार समय पर नहीं मिल पाया और अस्पताल पहुंचने के बाद उनको मृत घोषित कर दिया।