संत हिरदाराम नगर मेन रोड से बीआरटीएस लेन हटाकर पहले की तरह सिंगल डिवाइडर बनाने का काम नहीं हो सका है। विधानसभा चुनाव के कारण यह मामला लटका हुआ है। अब नई सरकार के गठन के बाद ही इस पर कोई निर्णय हो सकता है।
सीहोर नाके से संत हिरदारामजी की कुटिया तक कारिडोर हटाकर पहले की तरह सिंगल डिवाइडर बनाने की घोषणा कांग्रेस शासनकाल में तत्कालीन नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्द्धनसिंह ने की थी। इसका प्रस्ताव भी बना लेकिन प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होते ही मामला अटक गया। पिछले दिनों केंद्र सरकार ने मेन रोड पर एलिवेटेड ब्रिज स्वीकृत किया। ब्रिज का काम शुरू होने पर भी बीआरटीएस लेन हटाई जाएगी। व्यापारिक संगठन चाहते हैं कियातायात सुधार एवं आए दिन हो रहे एक्सीडेंट रोकने के लिए लेन जल्द से जल्द हटा दी जानी चाहिए। कपड़ा व्यापारी संघ के कार्यसमिति सदस्य अनिल आसवानी कहते हैं कि बीआरटीएस लेन बनने के बाद कारोबार प्रभावित हुआ है। लेन की यहां जरूरत नहीं है।
बाकी दो लेन पर बढ़ा ट्रेफिक का बोझ
मेन रोड पर बीआरटीएस लेन बनने के बाद बाकी दोनों लेन पर यातायात का दबाव बढ़ गया है। दोनों तरफ हाथ ठेलों के जमावड़े के कारण भी मार्ग छोटा हो गया है। दूसरी और बीच की लेन दिन भर खाली रहती है। यदि इसे हटा दिया तो मेन रोड पर पेड पार्किंग की जगह भी निकल सकती है। कपड़ा व्यापारी संघ ने इस संबंध में पिछले दिनों नगर निगम आयुक्त को पत्र भी लिखा था। संघ के अध्यक्ष कन्हैया इसरानी का कहना है किनई सरकार का गठन होने के का इस संबंध में नए सिरे से प्रयास किए जाएंगे।