इंदौर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब इंदौर में हुए जी-20 के आयोजन को संबोधित किया था, तब उन्होंने कहा था- इंदौर हर पल एक नया दौर है। उनकी इसी बात को एक युवा इंदौरी श्रेय शर्मा ने सच साबित कर दिया है। श्रेय ने नए दौर का एक ऐसा एआइ स्टार्टअप बनाया है, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर गेमचेंजर अवार्ड में शामिल किया गया है। श्रेय के इस काम को आज (मंगलवार) नई दिल्ली स्थित प्रगति मैदान में आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर ग्लोबल पार्टनरशिप (जीपीएआइ) में प्रदर्शित किया जाएगा। इस आयोजन का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उद्घाटन करेंगे।
दरअसल, यह
इंदौर का नया दौर है, जिसमें युवा पीढ़ी तकनीक के क्षेत्र में नए कीर्तिमान रच रही है। इस दिशा में इंदौर के युवा प्रदेश और देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी कंपनियों से जंग जीतकर अपने लिए जगह बना रहे हैं। इसी कड़ी में शहर के युवा प्रोफेशनल श्रेय शर्मा ने
न्यूजेरा नामक एक ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर आधारित स्टार्टअप बनाया है, जो खबरों की प्रामाणिकता को जांचकर लोगों तक पहुंचाने का काम करता है।
डीपफेक के इस दौर में यह काम इतना महत्वपूर्ण है कि इसे गेमचेंजर अवार्ड में शामिल किया गया है। इस अवार्ड के लिए भारत सरकार की ओर से 28 देशों के सैकड़ों स्टार्टअप, उद्यमियों और नवाचारों के साक्षात्कार लिए गए थे। हजारों एंट्री में से केवल 10 को इस अवार्ड के लिए चुना गया। इस लिस्ट में इंदौर के श्रेय शर्मा का न्यूजेरा छठवें स्थान पर है।
दिल्ली के प्रगति मैदान में मंगलवार (आज) से तीन दिवसीय
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर वैश्विक साझेदारी (जीपीएआइ) शिखर सम्मेलन 2023 का आयोजन हो रहा है। इसमें 14 दिसंबर को एआइ गेम चेंजर अवार्ड दिया जाएगा। 14 दिसंबर को ही श्रेय शर्मा अपने स्टार्टअप का प्रस्तुतीकरण देंगे। न्यूजेरा एप को न्यूजेरा टेक लैब्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी चलाती है।
संचालक श्रेय ने बताया कि उन्होंने 2014 में आइआइटी खड़गपुर से बीटेक किया था, तभी से एआइ पर रिसर्च कर रहे हैं। मंगलवार से ही प्रगति मैदान में एआइ प्रदर्शनी भी लगेगी। इसके लिए केंद्र सरकार के संबंधित विभाग की ओर से श्रेय को आमंत्रित किया गया। श्रेय के पिता राममिलन शर्मा ने नईदुनिया सिटी से बातचीत में बताया कि एप के संचालन के लिए श्रेय के पास पूरी टीम है।
क्या कमाल किया है श्रेय ने
श्रेय शर्मा ने कालेज के बाद विदेश की कई नामी कंपनियों में एआइ पर काम किया। इसके बाद विदेश से भारत लौटकर पिछले साल नवंबर में न्यूजेरा को लांच किया। उन्होंने बताया कि फेक खबरें रोकने के लिए पहले से ही काम कर रहे थे, लेकिन पिछले साल एआइ से इस दिशा में कामकाज को बूस्ट मिला। तभी उन्होंने एक विधिवत एप लांच किया। इसमें हम जनरेटिव एआइ टेक्नोलाजी पर काम करते हैं। मैंने देखा कि समाज में फेक खबरें काफी तेजी से चल रही हैं। इसका शिकार भी कई लेाग हो चुके थे। जो हम सुनते हैं, वही समाज पर असर करता है। ऐसे में लोगों को जल्दी और सही जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हमने इस एप को लांच किया।
कैसे काम करता है न्यूजेरा एप
यह किसी भी खबर की प्रामाणिकता को जांचता है। जीपीटी या एप पर कोई इनपुट आने के बाद यह एप उसी से संबंधित इंटरनेट मीडिया पर उपलब्ध लेखों को देखता है। इसके साथ ही वह साइट की भी जांच करता है कि वह कितनी भरोसेमंद है और उसका ट्रस्ट स्कोर क्या है। एआइ पांच वेबसाइट पर जाकर खबर को जांचती है। इसमें सभी प्रतिष्ठित साइट होती हैं। नई व कम प्रचलित वेबसाइट को इसमें शामिल नहीं किया जाता। जो घटनाएं पुरानी हैं, उनका आउटपुट आने में कुछ सेकंड का समय लगता है। वहीं ब्रेकिंग न्यूज, आगामी इवेंट जैसी खबरों के लिए एप करीब पांच मिनट का समय लेता है, ताकि वह ज्यादा से ज्यादा भरोसेमंद वेबसाइट से जांच कर सके।