जनजाति संस्कृति एवं कला को संरक्षित रखने कलाकारों का योगदान महत्वपूर्ण:राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु

Updated on 19-09-2024 11:50 AM

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज इंदौर प्रवास के दौरान मृगनयनी एंपोरियम में बुनकरों द्वारा हाथकरघा पर तैयार की गई रेशम एवं कॉटन की चंदेरी, महेश्वरी साड़ियों को देखा। इस दौरान उन्होंने जनजातीय क्षेत्र के हस्तशिल्पी, बुनकरों एवं जनजाति कारीगरों से रूबरू चर्चा की और उनकी कला को सराहा। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु को कलाकारों ने अपने हाथों से निर्मित हस्तशिल्प भेंट भी किया। यह सभी कलाकार अपनी विधा में पारंगत हैं और राष्ट्रीय स्तर पर इनकी एक अलग ही पहचान है। राष्ट्रपति से मुलाकात को लेकर सभी कलाकार बहुत उत्साहित थे और उनसे मिलकर बहुत खुश हुए कि उन्हें देश के सर्वोच्च पद पर आसीन श्रीमती मुर्मु से रु-ब-रु मिलने व चर्चा करने का अवसर मिला। इस अवसर पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा लघु उद्योग निगम के प्रबंध संचालक एवं सचिव सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी उपस्थित थे।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने शिल्पकारों से चर्चा के दौरान कहा कि हमारी पुरानी संस्कृति एवं परम्परा को संजो कर संरक्षित रखने की जरूरत है। यहाँ के शिल्पकार इसमें अच्छा योगदान दे रहे हैं। इन्हें प्रोत्साहन देने की जरूरत है, जिससे इन्हें रोजगार के अवसर मिल सकें। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने शिल्पकारों के आग्रह पर उनके साथ तस्वीर भी खिंचवाई। 

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने धार जिले के कारीगर श्री मुबारिक खत्री से चर्चा के दौरान उनकी कला बाग प्रिन्ट के बारे में जानकारी ली और पूछा कि वे कब से यह काम कर रहे हैं। कारीगर मुबारिक खत्री ने बताया कि उनकी 11 पीढ़ियों से बाग प्रिंट का कार्य किया जा रहा है। वे अपनी इस कला को आने वाली पीढ़ियों को भी सिखा रहे हैं। उन्होंने कॉटन के कपड़े पर बाग प्रिंट कैसे किया जा सकता है, यह करके भी दिखाया। उन्होंने बताया कि अब बांस एवं सिल्क की साड़ियों पर भी बाग प्रिंट किया जाता है।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु को खरगोन जिले के महेश्वर के बुनकर श्री अलाउद्दीन अंसारी ने राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हथकरघा साड़ी के बारे में अवगत कराया। उन्होंने बताया कि नर्मदा नदी में दोपहर के समय सूर्य की जो किरणें पड़ती हैं और उनसे नदी में जो लहरें चमकती हैं, उन्हीं लहरों का प्रिंट हथकरघा साड़ियों की बॉर्डर पर उतारा जाता है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु इस कलाकारी से बहुत प्रभावित हुई और उन्होंने पूछा कि वे यह काम कब से कर रहे हैं। श्री अंसारी ने बताया कि उनका परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी यह कार्य कर रहा है। वर्तमान समय में वे अपने इस कार्य से 300 से अधिक लोगों को रोजगार दे रहे हैं, जिसमें 70 महिलाएं शामिल हैं।

वर्तमान में भोपाल निवासी एवं मूलत: डिंडोरी की निवासी गोंड भित्तिचित्र की कलाकार पदमश्री श्रीमती दुर्गाबाई श्याम की कला को देखकर राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु बहुत प्रभावित हुई और सराहना की। उन्होंने कहा दुर्गाबाई संस्कृति एवं कला को जीवित रखने और उसे आगे बढ़ाने के लिये कार्य कर रही हैं। पद्मश्री दुर्गा बाई ने बताया कि वे बच्चों को इस कला को सीखा रही है और एक संस्था के माध्यम से अन्य लोगों को भी नि:शुल्क इस कला का प्रशिक्षण दे रही है।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने झाबुआ जिले के कलाकार दंपत्ति पदमश्री श्री रमेश एवं श्रीमती शांति परमार द्वारा निर्मित "झाबुआ डॉल्स" को देखकर पूछा कि क्या यह गुड़िया मिट्टी से बनाई गई है। कलाकारों ने बताया कि उनके द्वारा कपास एवं कपड़े से आकर्षक गुड़ियों का निर्माण किया जाता है। वे अपनी इस कला को जीवित रखने के लिये अन्य लोगों को भी नि:शुल्क प्रशिक्षण देते हैं। उन्होंने बताया कि बाजार और मेलों में वे जितनी गुड़िया लेकर जाते हैं, वे सभी बिक जाती हैं।

राष्ट्रपति ने खरीदी साड़ी और यूपीआई से किया डिजिटल पेमेंट

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने मृगनयनी एंपोरियम में हथकरघा पर निर्मित साड़ियों को देखा और उनकी कलाकारी देखकर प्रसन्न हुई। वहां कार्यरत महिला कर्मचारियों से उन्होंने साड़ियों के नाम एवं पैटर्न की जानकारी ली। इस पर उन्हें चंदेरी, महेश्वरी, कॉटन एवं सिल्क की साड़ियां दिखायी गई और उनके बारे में विस्तार से बताया गया। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने वहां की महिला कर्मचारियों से अपनी पसंद की हल्के रंग की एक साड़ी उनके लिये चुनने का अनुरोध किया। इस पर सरिता गव्हाड़े ने राष्ट्रपति के लिए हल्के पिंक रंग की महेश्वरी साड़ी पसंद कर दी। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने इस साड़ी का काउंटर पर जाकर यूपीआई से डिजिटल भुगतान भी किया। काउंटर के कर्मचारी कविता भिलवारे एवं विपुल सिंह द्वारा डिजिटल पेमेंट जमा कराया गया। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु को महिला कर्मचारी अरूणा रापोतू, साधना शुक्ला, संगीता शुक्ला, मीना चौरसिया एवं वंदना कोठारी द्वारा साड़ियां एवं सिल्क के कपड़े दिखाये गये।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भेंट की चंदेरी साड़ी

 राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु के मृगनयनी एम्पोरियम इंदौर में हस्तशिल्प कलाकारों से संवाद एवं उनकी कला के अवलोकन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी प्रदेश की ओर से राष्ट्रपति को चंदेरी साड़ी भेंट की।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 11 July 2026
भोपाल, भोपाल के गांधी नगर थाना क्षेत्र में एक 22 वर्षीय युवक ने अपनी कथित प्रेमिका के घर में घुसकर फांसी लगाकर जान दे दी। घटना का पता शुक्रवार सुबह तब…
 11 July 2026
भोपाल, मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में पिछले करीब पांच वर्षों से कार्यवाहक पदोन्नति के आधार पर उच्च पदों पर कार्यरत लगभग 15 हजार पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों के सामने अब पद…
 11 July 2026
भोपाल, दिल्ली से भोपाल आ रही 12002 नई दिल्ली–रानी कमलापति शताब्दी एक्सप्रेस में शनिवार सुबह यात्रियों को नाश्ते में एक्सपायरी ब्रेड परोसने का मामला सामने आया।C-4 कोच के करीब 74 यात्रियों,…
 11 July 2026
 भोपाल। राजधानी के राजा भोज एयरपोर्ट पर इस मानसून में बार-बार उड़ानें डायवर्ट होने की समस्या लगभग समाप्त हो जाएगी। एयरपोर्ट अथारिटी ने अत्याधुनिक कैटेगरी-2 इंस्टूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) की…
 11 July 2026
भोपाल । इंदौर में मप्र युवा संकल्प-2026 दस्तावेज तैयार होगा। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026 का शुभारंभ…
 11 July 2026
भोपाल। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अभिनव बरोलिया ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को घेरने के लिए उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। हाल ही में…
 11 July 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए कॉल सेंटर सेवाओं का विस्तार करते हुए नया हेल्पलाइन नंबर 0755-4314165 शुरू किया है। अब…
 11 July 2026
भोपाल। आमतौर पर यह धारणा रहती है कि पढ़े-लिखे और शहरी लोग छोटा परिवार पसंद करते हैं। जनगणना निदेशालय की सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) रिपोर्ट 2024 से यह सिद्ध भी…
 11 July 2026
भोपाल। रेलवे स्टेशन पर अक्सर ऐसे लोग दिखाई देते हैं, जो कई दिनों या महीनों से वहीं रह रहे होते हैं। इनमें कोई परिवार से बिछड़ जाता है, कोई घर…
Advt.