भोपाल। संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) में करीब दो दशक पहले बनी स्विमिंग पूल निर्माण की योजना पर अभी तक अमल नहीं हो सका है। हाल ही में सीहोर नाका क्षेत्र में गुलाब उद्यान को विकसित किया गया है। यहां काफी जगह खाली है। यहां के संगठन चाहते हैं कि इसी उद्यान में ही पूल का निर्माण किया जाए।
बूढ़ाखेड़ा में बनना था स्विमिंग पूल
राज्य शासन ने बूढ़ाखेड़ा में स्विमिंग पूल बनाने की स्वीकृति दी थी। इसका नाम भाजपा के पितृपुरुष कुशाभाऊ ठाकरे के नाम पर रखने की घोषणा की गई थी। राजधानी परियोजना प्रशासन ने इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिए। काम शुरू होते ही कुछ लोगों ने इसे निजी बताते हुए रोड़ा अटका दिया। नतीजतन, काम बंद करना पड़ा। अब तो भूमिपूजन के समय लगा शिलान्यास पत्थर भी गायब हो चुका है। कुछ समय नए सिरे से जमीन की तलाश करने के निर्देश दिए गए लेकिन यह काम अभी तक नहीं हो सका है।
सिंगारचोली का भी था प्रस्ताव
जिला प्रशासन ने सिंगारचोली एयरपोर्ट रोड पर स्विमिंग पूल बनाने का प्रस्ताव भी दिया था। बाद में यह जमीन हज हाऊस के लिए सुरक्षित कर दी गई। यहां हज हाऊस का निर्माण भी हो गया, लेकिन स्विमिंग पूल अभी तक नहीं बन सका है।
झील किनारे पर ही बने पूल
बड़ी झील किनारे स्थित गुलाब उद्यान के अंतिम छोर पर जगह अब भी खाली है। भाजपा के स्थानीय नेताओं ने भी पिछले दिनों यहां पूल बनाने का सुझाव दिया है। सांसद प्रतिनिधि दिनेश मिश्रा ने इस संबंध में सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर से भी पूल बनाने का आग्रह किया गया था। गुलाब उद्यान का निर्माण विधायक रामेश्वर शर्मा की पहल पर किया गया था। उन्होंने यहां संत हिरदारामजी की प्रतिमा का अनावरण भी किया था। इस प्रतिमा के पीछे तरफ काफी जगह है। पूज्य सिंधी पंचायत के पदाधिकारी हरीश मेहरचंदानी का कहना है कि पूल का निर्माण गुलाब उद्यान में करने से यह एक अच्छा पर्यटन स्थल बन सकता है।