
भोपाल। मध्य महाराष्ट्र के आसपास बने चक्रवात के असर से हवाओं का रुख दक्षिणी हो गया है। इससे मध्य प्रदेश में तपिश लगातार बढ़ रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को प्रदेश में सबसे अधिक 37.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दमोह में दर्ज किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस अधिक है। दमोह देश के मैदानी क्षेत्र के सबसे गर्म 10 शहरों में सातवें क्रम पर रहा।
राजधानी भोपाल में भी अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचा, जो पिछले सात वर्षों में सबसे अधिक रहा। इसके पहले 13-14 अक्टूबर 2015 में अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, शनिवार को आंशिक बादल रह सकते हैं, लेकिन दिन के तापमान में विशेष गिरावट होने की संभावना नहीं है।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान के आसपास द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। मध्य महाराष्ट्र के पास एक चक्रवात बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि मध्य महाराष्ट्र के आसपास बने प्रति चक्रवात के असर से हवाओं का रुख बदल रहा है, साथ ही हवाओं के साथ अरब सागर से नमी भी आ रही है, जिसके चलते आंशिक बादल भी बन रहे हैं। विशेषकर दिन के समय हवा का रुख दक्षिणी हो जाता है। इस वजह से पूरे प्रदेश में अधिकतम तापमान बढ़ा हुआ है।
हालांकि रात के समय उत्तरी हवाएं चलने लगती हैं। इस वजह से न्यूनतम तापमान पूरे प्रदेश में सामान्य के आसपास बने हुए हैं। शनिवार को प्रदेश के अधिकतर जिलों में आंशिक बादल छाने की संभावना है, लेकिन दिन के तापमान में गिरावट होने की उम्मीद कम है।