भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने प्रमुख सचिव स्तर की तीन महिला आइएएस अधिकारियों की सेवाएं केंद्र सरकार को प्रतिनियुक्ति पर सौंप दी हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने दीप्ति गौड़ मुखर्जी, पल्लवी जैन गोविल और करलिन खोंगवार देशमुख को कार्यमुक्त कर दिया है। वहीं, एक अन्य प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाएंगी। उन्हें संयुक्त सचिव पद के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
सामान्य प्रशासन विभाग कार्मिक की प्रमुख सचिव दीप्ति गौड़ मुखर्जी को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और करलिन खोंगवार देशमुख को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय में अपर सचिव पद पर पदस्थ किया है। पल्लवी जैन गोविल को महानिदेशक हाइड्रोकार्बन्स, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में पदस्थ किया है।
वैकिल्पक व्यवस्था के अंतर्गत इन अधिकारियों के पास जिन विभागों का दायित्व था, वहां फिलहाल प्रभार दिया गया है। एक अन्य प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की प्रतीक्षा में है। उन्हें संयुक्त सचिव पद के लिए सूचीबद्ध किया गया है।\
मुख्य सचिव का निर्णय चुनाव आयोग करेगा
उधर, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस का कार्यकाल 30 नवंबर को समाप्त हो रहा है। उन्हें छह-छह माह करके दो बार सेवावृद्धि दी जा चुकी है। उन्हें फिर सेवावृद्धि दी जाती है या फिर वरिष्ठा के आधार पर मुख्य सचिव नियुक्त किया जाता है, इस निर्णय में चुनाव आयोग की भूमिका महत्वपूर्ण होगी क्याेंकि अभी विधानसभा चुनाव की आचार संहित लागू है।
तीन दिसंबर को विधानसभा चुनाव के मतों की गणना होनी है। यदि प्रदेश में उपलब्ध अधिकारियों में से किसी को मुख्य सचिव बनाया जाता है तो वरिष्ठता के अनुसार 1988 बैच की वीरा राणा पहले स्थान पर आती हैं। इसके बाद 1989 बैच के मोहम्मद सुलेमान और विनोद कुमार हैं।
केंद्र में पदस्थ प्रदेश के अधिकारियों की बात करें तो सबसे वरिष्ठ अजय तिर्की हैं जो दिसंबर 2023 में सेवानिवृत्त होंगे और इसके बाद संजय बंदोपाध्याय का नाम आता है जो 1988 बैच के हैं और अगस्त 2024 में सेवानिवृत्त होंगे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में अभी शासन से हमारे स्तर पर कोई पत्राचार नहीं हुआ है। केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के स्तर पर ही इसका निर्णय होगा।