
भोपाल। 71 के युद्ध में भारतीय नौसेना की अभुतपूर्व, अविस्मर्णीय उपलब्धि के उपलक्ष्य में हर साल चार दिसंबर को भारतीय नौसेना दिवस मनाया जाता है। अपने शौर्यपूर्ण कार्यों और विजयी युद्ध इतिहास के कारण हमारी नौसेना दुनिया की सर्वश्रेष्ठ नौसेनाओं में अपना स्थान रखती है। नौसेना के वर्तमान स्वरूप को विशेष वृत्त चित्र के जरिए शौर्य स्मारक के मुक्ताकाश मंच पर सोमवार शाम को दिखाया गया।
दूर तक फैले महासागर व उनमें चुनौती देते समुद्री तूफान, ज्वार भाटे का उतार चढ़ाव का बहादुरी से सामना करते हमारी नौसेना के वीर जवान जो समुद्री सीमा की रक्षा के लिए हर पल मुस्तैद रहते हैं, ऐसे जांबाज नौसेनिकाें पर पूरा देश गर्व करता है। खतरनाक लहराें से खेलते, जूझते ये नौसैनिक समंदर की अतल गहराई और सैकड़ाें योजन तक उठती तूफानी हलचलाें के बीच अपना फर्ज निभाते हैं। अपनी हिम्मत तथा देशभक्ति की मिसाल कायम करते हैं, ताकि हमारे देश की जल सीमा सुरक्षित रहे और दुश्मन के नापाक इरादें कामयाब न हो पाएं। आरंभ से अभी तक हमारी नौसेना ने चुनौतियाें और सफलता का इतिहास रचा है। इनके हौसले में इजाफा करने के लिए आधुनिक तकनीकाें से युक्त घातक हथियाराें से सुसज्जित जल सतह पर विचरण करते विशालकाय युद्धपोत हैं और सागर की गहराई में विचरण करती पनडुब्बियाें के साथ-साथ समुद्री सतह से ऊपर हवा में दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तकनीकी रूप से समृद्ध मिसाइलें, लड़ाकू हैलीकाप्टर व वायुयान की अपार शक्ति भी उपलब्ध है।