भोपाल। आज के दौरान वाटर बर्थ तकनीक से प्रसव कराना महिलाओं के बीच लोकप्रिय होने लगा है। इस तकनीक में गर्भवती महिला को प्रसव के दौरान होने वाला दर्द काफी हद तक कम हो जाता है। देश में वाटर बर्थ तकनीक से पहले बच्चे का जन्म नई दिल्ली में हुआ था। कुछ समय पहले तक ये सुविधा केवल देश के मेट्रो शहरो तक ही सीमित थी। अब भोपाल में सेज ग्रुप के अपोलो सेज अस्पताल में अब ये सुविधा शुरू हो चुकी है। अस्पताल के सेकंड फ्लोर स्थित 'सेज आनंदम' - मदर एंड चाइल्ड विभाग में एडवांस्ड वाटर बर्थ सुइट्स बने हुए हैं, जिसमें सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है। अस्पताल की वाटर बर्थ यूनिट में भोपाल की रेणु ने शुक्रवार को स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
प्रसव से पहले घबरा रही थी
रेणु ने बताया कि बेबी के आने को लेकर बेहद खुश थी, लेकिन जैसे-जैसे प्रसव का समय करीब आता गया, घबराहट बढ़ती गई। नार्मल या सिजेरियन की चिंता बनी रहती। ऐसे में मैंने और पति ने वाटर बर्थ डिलीवरी तकनीक को चुना। हम बेहद खुश हैं।
वाटर बर्थ तकनीक हो रही लोकप्रिय
अपोलो सेज अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि मप्र में वाटर बर्थ डिलीवरी की सुविधा सबसे पहले हमने शुरू की है। सभी माडर्न सुविधाओं से सुसज्जित वाटर बर्थिंग सुइट्स हर गर्भवती महिला व परिवार के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।अपोलो सेज अस्पताल की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. अनूपा वालिया ने बताया कि भारत में वाटर बर्थ महिलाओ की पसंद बनता जा रहा है। हमें खुशी है कि हमने रेणु को वाटर बर्थ सुविधा से मां बनने का सुख दिया। मां व बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।