क्यों बना नया रिकॉर्ड
यूपीआई करना बेहद सरल हो गया है। देश में जैसे-जैसे स्मार्टफोन रखने वालों की संख्या बढ़ी, वैसे-वैसे इसकी स्वीकार्यता बढ़ी। यही नहीं, अब तो पारंपरिक फोन में भी यूपीआई पेमेंट (UPI Payment) की सुविधा आने लगी है। यही नहीं इससे पेमेंट स्वीकारने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। अब चाय की टपरी से लेकर बड़े शॉपिंग मॉल्स और हवाई अड्डे तक में यूपीआई स्वीकार किया जा रहा है। बस, ऑटो सब जगह इसका जलवा दिख रहा है।छोटे पेमेंट ज्यादा
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की 'पेमेंट्स सिस्टम्स रिपोर्ट' के मुताबिक यूपीआई का 'औसत टिकट साइज' (प्रति लेनदेन की औसत रकम) घटी है।
- साल 2021 में यह 1,848 रुपये था जो कि साल 2025 में घट कर 1,313 रुपये रह गया है।
- इसका सीधा मतलब यह है कि अब आम लोग बड़ी खरीदारी के साथ-साथ छोटी-छोटी चीजों (जैसे किराना, सब्जी या चाय) के लिए भी नकद के बजाय डिजिटल पेमेंट का खूब इस्तेमाल कर रहे हैं।
