इंदौर। इंटरनेट मीडिया के जरिए युवती को फंसाने और दुष्कर्म का मामला सामने आया है। हिंदूवादियों की सक्रियता से आरोपित आटोडील संचालक के विरुद्ध दुष्कर्म, एट्रोसिटी एक्ट, छेड़छाड़ सहित कई धाराओं में एफआइआर दर्ज की गई है। मंगलवार शाम पुलिस ने आरोपित की तलाश में छापा मारा, लेकिन वह फरार हो गया।
एडिशनल डीसीपी जोन-4 अभिनय विश्वकर्मा के मुताबिक
पिपल्याकुमार निवासी 23 वर्षीय युवती की आरोपित अशरफ मंसूरी (बिजलपुर) से हेलो एप के माध्यम से दोस्ती हुई थी। अशरफ ने पहचान छुपाते हुए कहा कि उसका नाम आशु है। वर्ष 2018-19 में वह युवती से चैटिंग करने लगा। एक महीने बाद उसने मिलने की इच्छा जताई और खजराना बायपास की तरफ कार लेकर आया।
आरोपित ने हिंदू ही बताया और शादी का बोलकर कार में ही शारीरिक संबंध बना लिए। आरोपित हर बार कार बदल-बदलकर लाता था। करीब आठ महीने बाद युवती को पता चला आरोपित आशु नहीं बल्कि उसका नाम अशरफ मंसूरी है। युवती ने दूरी बनानी चाही लेकिन उसने हाथ की नस काटने और छत से कूदने की धमकी दी। उसने
ब्लैकमेल कर युवती को मिलने बुला लिया। नवलखा निवासी एक महिला के घर भी लेकर गया।
आरोपित के भाई व पिता ने भी की अभद्रता
चार महीने पूर्व उसने झगड़ा किया और कहा कि तुम्हें मुस्लिम बनना पड़ेगा। आठ दिसंबर को दोनों में पुन: कहासुनी हुई। परेशान युवती बात करने बिजलपुर स्थित घर गई तो अशरफ के भाई बुरकान, पिता उस्मान से मुलाकात हुई। बुरकान ने अभद्रता की और कहा कि 20-25 हजार रुपये लेकर मुंह बंद कर लो। उसने धक्का-मुक्की कर अश्लील हरकतें भी कीं। मंगलवार को युवती ने हिंदूवादियों की मदद ली और थाने पहुंच कर प्रकरण दर्ज करवाया। पुलिस ने मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, दुष्कर्म, एट्रोसिटी एक्ट के तहत एफआइआर दर्ज की है। टीआइ शैलेंद्रसिंह जादौन के मुताबिक आरोपित आटोडील संचालक है। पुलिस ने उसके घर छापा मारा लेकिन वह फरार हो गया।