
खंडवा में छैगांवमाखन जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम खजूरी में पिछले करीब तीन महीने से बिजली सप्लाई बंद है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव का ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद बिजली कंपनी ने बकाया बिजली बिल का हवाला देकर उसे सुधरवाया नहीं। इसके बाद पूरे गांव की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। अब खेतों की बिजली सप्लाई भी बंद कर दी गई है। ऐसे में गांव के घरों के साथ खेतों में भी अंधेरा छाया हुआ है।
ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले तीन महीने से बिजली नहीं होने के कारण उन्हें रोजमर्रा के कामों में परेशानी उठानी पड़ रही है। इस दौरान राखी और गणेश उत्सव जैसे त्योहार भी गांव के लोगों ने अंधेरे में ही मनाए। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन अलग-अलग काटे जाने चाहिए थे। जो परिवार नियमित रूप से बिल जमा कर रहे हैं, उन्हें सामूहिक कार्रवाई का खामियाजा नहीं भुगतना चाहिए।
5 परिवार नियमित बिल जमा करते हैं ग्रामीण विनोद चौहान ने बताया कि करीब तीन महीने पहले गांव का ट्रांसफार्मर खराब हो गया था। उस समय बिजली कंपनी की ओर से गांव पर बिजली बिल का बकाया होने की बात कही गई। बकाया राशि जमा नहीं होने के कारण ट्रांसफार्मर को सुधारा नहीं गया और धीरे-धीरे पूरे गांव की बिजली सप्लाई बंद हो गई।
वहीं बिजली कंपनी के लाइनमैन शिवनारायण कुशवाह के अनुसार, खजूरी गांव में करीब 70 कनेक्शनधारी हैं। इनमें से केवल 5 परिवार नियमित रूप से बिजली बिल जमा करते हैं, जबकि करीब 65 कनेक्शनधारियों पर लगभग 9 लाख रुपए की बकाया राशि है।
आदिवासी परिवारों पर करीब 40-40 हजार बकाया बिजली कंपनी के अनुसार, गांव में करीब 40 से 50 परिवार आदिवासी हैं। इन उपभोक्ताओं पर करीब 40-40 हजार रुपए तक का बिजली बिल बकाया बताया जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, कई परिवारों ने कनेक्शन लेने के बाद से नियमित रूप से बिजली बिल जमा नहीं किया।
कंपनी का कहना है कि लंबे समय से बिल जमा नहीं होने और बड़ी बकाया राशि के कारण गांव की बिजली सप्लाई बंद करने की कार्रवाई की गई है। सप्लाई बंद होने के बाद अब कुछ उपभोक्ता बकाया राशि जमा कराने के लिए आगे आ रहे हैं।
ग्रामीण बोले- सभी पर कार्रवाई करना गलत ग्रामीणों का कहना है कि बिजली बिल की वसूली करना कंपनी का अधिकार है, लेकिन कार्रवाई का तरीका ऐसा होना चाहिए जिससे नियमित बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।
उनका कहना है कि जिन लोगों ने लंबे समय से बिल नहीं भरा है, उनके कनेक्शन काटे जाएं या उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। पूरे गांव की बिजली बंद करने से उन परिवारों को भी परेशानी हो रही है, जो समय पर अपना बिल जमा करते रहे हैं।
मोबाइल भी बंद पड़े, खेती पर असर ग्रामीणों के अनुसार, बिजली नहीं होने से घरों में पंखे, बल्ब, मोाबाइल और अन्य जरूरी उपकरण बंद पड़े हैं। रात के समय गांव में पूरी तरह अंधेरा रहता है। खेती से जुड़े कामों पर भी इसका असर पड़ रहा है। रविवार को खेतों की बिजली सप्लाई भी बंद कर दिए जाने के बाद किसानों की परेशानी और बढ़ गई है।
कंपनी की दलील- वसूली के लिए कार्रवाई जरूरी बिजली कंपनी के कर्मचारी गांव में बड़ी मात्रा में बिजली बिल बकाया होने को सप्लाई बंद करने की वजह बता रहे हैं। कंपनी के अनुसार, अधिकांश कनेक्शनधारियों द्वारा लंबे समय से बिल जमा नहीं कराया गया है। करीब 9 लाख रुपए की बकाया राशि होने के कारण वसूली के लिए कार्रवाई की गई है। कंपनी का कहना है कि बकाया राशि जमा होने के बाद सप्लाई बहाल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।