भोपाल। प्रशासन के तमाम प्रयासों के बावजूद भोपाल शहर में प्रदूषण स्तर में सुधार नहीं हो रहा है। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में 300 से अधिक प्रदूषण स्तर (एक्यूआइ) दर्ज किया गया है। इनमें सबसे अधिक पर्यावरण परिसर क्षेत्र में 361 एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई)दर्ज किया गया है। ऐसे में स्थिति में सुधार होता नहीं दिख रहा है।
नगर निगम के इंतजाम नाकाफी
विशेषज्ञों की मानें तो उड़ती धूल के कारण वातावरण सर्वाधिक प्रदूषित हो रहा है, जो कि लोगों कि सेहत के लिए ठीक नहीं है। इधर, नगर निगम स्वीपिंग मशीनों के जरिए सड़कों से धूल साफ तो कर रहा है, लेकिन ये इंतजाम शहर की आबादी और क्षेत्रफल दोनों के लिहाज से काफी नहीं है। निगम के पास अभी तीन मशीनें मौजूद हैं जबकि शहर में लगभग 21 स्वीपिंग मशीनों की जरूरत है।
इन जगहों पर चलाई जा रहीं मशीनें
जिले में स्वीपिंग मशीनें ऐसे क्षेत्र की सड़कों से धूल साफ कर रही है, जहां बड़े निर्माण कार्य नहीं चल रहे हैं। इनमें नर्मदापुरम रोड, रोहितनगर जैसे क्षेत्र शामिल हैं, जबकि एमपी नगर, कोलार रोड जैसे क्षेत्रों में मशीनों का उपयोग नहीं किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में मेट्रो, सिक्स लेन, ब्रिज जैसे बड़े प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य चल रहा है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि चार्ट के अनुसार ही धूल साफ करने का काम कराया जा रहा है। इधर वर्षा का सीजन गुजरने के बाद से प्रदूषण स्तर में निरंतर वृद्धि हो रही है।
शहर के इन क्षेत्रों में रहा सबसे अधिक एआइक्यू
क्षेत्र - एक्यूआइ
पर्यावरण परिसर - 361
कलेक्ट्रेट कार्यालय - 306
टीटीनगर - 312