
भोपाल। मोहनजोदाड़ो का नाम सुनते ही जेहन में हाथों में ढेरों चूड़ियां पहनी, अनेकों गहनों से सुसज्जित गुड़िया का रूप आकार लेता है, गोल्डन गर्ल के रूप में मोहनजोदाड़ो की इस गुड़िया के साथ ही आडिसी नृत्य करती युवती और परफेक्ट नहीं बल्कि इम्परफेक्ट स्कल्पचर भी देखा जा सकता है। गौहर महल में गुरुवार से शुरू हुए पाटर्स मार्केट में देशभर के 38 आर्टिस्ट अपना आर्ट वर्क लेकर आए हैं। इसमें जहां ओमप्रकाश गालव ने पहली बार शिरकत की तो वहीं दो सौ से अधिक एड फिल्में बनाने वाले सुबोध पोद्दार गोल्ड क्वाइल से तैयार मोहनजोदाड़ो की ओडिसी डांस की आकृति लेकर आए हैं।वहीं संदीप मणचेकर का आर्ट वर्क भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। शुभारंभ के मौके पर पहले दिन चार मास्टर पाटर्स की कृतियां प्रदर्शित की गईं। पूरा पाटर्स मार्केट शुक्रवार से आरंभ होकर 26 नवंबर तक चलेगा।
फायरिंग के वक्त चारों ओर लपेटता हूं ओरिजनल गोल्ड क्वाइल
200 से अधिक ऐड फिल्में बनाने वाले आर्टिस्ट और पेंटर सुबोध पोद्दार ने पाटर्स मार्केट में चार 11 प्रदर्शित की हैं, जो सिरेमिक और टेराकोटा की हैं, सुबोध कहते हैं कि इन मूर्ति को बनाने के लिए मैं फायरिंग के वक्त गोल्ड क्वाइल को चारों तरफ लगाकर फिर फायर करता हूं तो इससे इन मूर्तियों में गोल्डन रंग आ जाता है और यह मूर्तियां सदियों पुरानी मोहनजोदाड़ो के समय ही लगती हैं।मर्यादित स्वरुप दिखाने के लिए सभी स्त्री आकृतियों में लाल धागा बांधा है, जो वस्त्र के रूप में है। उन्होंने कहा कि ऐड फिल्में बनाने के साथ ही मुझे ऐसे स्कल्पचर बनाने का भी काफी शौक था, इसलिए यह काम आरंभ किया देरी से। यह स्कल्पचर बनाने के लिए मैने आडिसी डांस सीखा। मेरी बनी गोल्डन गर्ल 2 फीट लंबी और 10 इंच चौड़ी है। यहां कुल 11 आकृतियां प्रदर्शित की हैं, जिनका शीर्षक मोहनजोदाड़ो लाइव है।यह आठ साल पुराना संग्रह है।
टूटी हुई कलाकृतियां के प्रति आकर्षण है
रामगढ़ राजस्थान से आए ओमप्रकाश गालव की 15वीं पीढ़ियां इस काम से जुड़ी हैं। ओम का कहना है कि मिट्टी की सबसे छोटी कलाकृतियां और कुछ विशालकाय कलाकृतियां भी बनाने का रिकार्ड दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि जब मैं बचपन में मिट्टी की कलाकृतियां बनाता था तो उसमें से कुछ टूट जाती थी लेकिन टूटते समय जब उनकी टूटी हुई आकृति होती थी, वह मुझे बहुत आकर्षित करती थी और मेरा मन करता था कि मैं ऐसी कलाकृतियां बनाऊं।इसीलिए मैंने आड़ी-टेड़ी कलाकृतियां बनाई और इसका नाम परफेक्टली इंपरफेक्ट रखा। यह कलाकृतियां इतनी खूबसूरत हैं कि कला प्रेमियों को भी सहज ही आकर्षित करती हैं। उनके 17 वर्क प्रदर्शित हैं जो वुडन डिडक्शन है।
जीवन के पहलू और स्थिरता का संदेश
भोपाल की सुल्ताना की खान की कृतियां पहली बार मास्टर पाटर्स में शामिल हुईं हैं। अपनी दस कृतियों के माध्यम से उन्होंने कपल की दो अलग-अलग मुद्राएं दिखाईं हैं, जिनमें मिलन और अलगाव है। सुल्ताना ने बताया कि उनकी फीमेल टोरसो फिगर बनाने में रुचि है। एक कृति में चांद और एक कृति में स्त्री के शरीर की संरचना दर्शायी है। इसी प्रकार संदीप मणचेकर, मुंबई ने अपनी चार स्क्वेयर कृतियाें के माध्यम से स्थितरता का संदेश दिया है। उनका मनाना है कि धरती गोल है इसलिए स्क्वेयर (वर्गाकार) आकृति से ही स्थितरता कायम होगी।