अब स्पीकर की कुर्सी के पास हंगामा नहीं कर सकेंगे सांसद, वजह जान लीजिए

Updated on 25-05-2023 06:43 PM
नई दिल्ली : नई संसद में अब शायद स्पीकर की कुर्सी के पास तख्तियां लहराते और विरोध प्रदर्शन करते सांसद बीते दिनों की बात हो जाएं। नई संसद के दोनों भवनों में वेल में आकर प्रदर्शन करना अब संभव नहीं हो सकेगा। इसकी वजह है नवनिर्मित संसद के दोनों सदनों में स्पीकर के कुर्सी के पास की बनावट। नई संसद के दोनों सदनों में स्पीकर की कुर्सी की बनावट ऐसी है कि अब सदन की कार्यवाही को बाधित करना लगभग असंभव होगा। सूत्रों ने कहा कि दोनों सदनों में पीठासीन अधिकारियों की कुर्सियों को मौजूदा कक्षों की तुलना में ऊंचा बनाया गया है। ऐसे में दोनों सदनों के वेल में जगह पुरानी की तुलना में कम है।

कैमरे की नजर में आना मुश्किल

सूत्रों ने कहा कि नए हाउस में वेल पहली पंक्ति से लगभग एक फुट नीचे हैं। इसलिए किसी भी विरोध प्रदर्शन के दौरान कैमरों की नजर में आना मुश्किल होगा। संसद सत्र के दौरान विपक्षी सदस्यों का वेल में आना, नारेबाजी करना और तख्तियां थामना आम बात हो गई है। हालांकि लोकसभा की कार्यवाही के प्रसारण पर 1994 के दिशा-निर्देशों का उल्लेख किया गया था। इसमें कहा गया था कि कैमरों को किसी भी रुकावट, विरोध या वाकआउट पर ध्यान केंद्रित नहीं करना था। साल 2005 में तत्कालीन अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी का कहना था कि टेलीकास्ट में विरोध और वाकआउट के दृश्य भी दिखाए जाने चाहिए। यह सदन की कार्यवाही का हिस्सा हैं।

वर्तमान संसद बन जाएगी म्यूजियम

सरकार का कहना है कि एक बार जब नया संसद भवन चालू हो जाएगा, तो वर्तमान संसद भवन को 'लोकतंत्र के संग्रहालय' में बदलने का काम शुरू हो जाएगा। नए संसद भवन में महात्मा गांधी, भीम राव अंबेडकर, सरदार पटेल और चाणक्य सहित ग्रेनाइट की मूर्तियां भी होने की संभावना है। नई संसद के उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को पता चला है कि उद्घाटन कार्यक्रम की मॉक ड्रिल नई लोकसभा में आयोजित किए गए थे। यहां मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

नई संसद में तीन प्रवेश द्वार

नए संसद भवन में कई नई विशेषताएं होंगी। इसमें तीन प्रवेश द्वार - ज्ञान द्वार, शक्ति द्वार और कर्म द्वार शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि नए संसद भवन को नया नाम दिए जाने की प्रबल संभावना है। इसका उद्घाटन रविवार 28 मई को होगा। अटकलें लगाई जा रही हैं कि मौजूदा शासन ने 'औपनिवेशिक मानसिकता के निशान' को हटाने के लिए दिल्ली में महत्वपूर्ण सड़कों के नाम बदल दिए हैं। इसमें राजपथ भी शामिल है, जिसे सितंबर में कर्तव्यपथ नाम दिया गया था।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 21 September 2026
BRICS के बढ़ते प्रभाव, भारत-चीन संबंधों, ऊर्जा सुरक्षा और UNSC में सुधार जैसे मुद्दों पर दुनिया की नजर है। ऐसे में भारत के लिए इस मंच की बदलती भूमिका कितनी…
 21 September 2026
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन ( SIR ) के बाद मतदाता सूची से हटाए गए अनगिनत वोटर शायद एक दशक तक वोट न दे पाएं। ऐसा इसलिए…
 21 September 2026
मृत्युंजय राय: क्या पश्चिमी देशों के वर्चस्व का दौर दुनिया में खत्म हो रहा है और उसकी जगह जो नई तस्वीर उभर रही है, वह कैसी है? सर विंस केबल…
 21 September 2026
मनु पब्बी, नई दिल्ली: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटों से करीबी संबंध रखने वाली एक अमेरिकी ऑटोनॉमस सिस्टम कंपनी ने भारतीय कंपनी के साथ एंटी-ड्रोन सिस्टम बनाने और बेचने का…
 21 September 2026
नई दिल्ली: भारत की प्राइवेट डिफेंस टेक्नोलॉजी कंपनी आईजी डिफेंस ने अपने लंबी दूरी के वन-वे ड्रोन KAL का राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में फ्लाइट टेस्ट पूरा किया…
 21 September 2026
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में चल रही SIR प्रक्रिया के तहत दी गई जानकारी में "गड़बड़ियों" के कारण जिन वोटरों को नोटिस भेजे जा रहे हैं, उनकी लिस्ट में दिवंगत…
 20 September 2026
नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव में ABVP की शानदार जीत के बाद देश का सियासी पारा भी चढ़ गया है। बीजेपी और एबीवीपी के नेताओं ने कांग्रेस और…
 20 September 2026
सुभद्रा श्रीवास्तव, नई दिल्ली: देश के 180 से अधिक वैज्ञानिकों और इको लॉजिकल एक्सपर्ट ने सुपर अल नीनो को लेकर अलर्ट जारी किया है। उन्होंने रिसर्चर्स और इस क्षेत्र में…
 20 September 2026
गणेश उत्सव आते ही घर-घर में वे कथाएं फिर दोहराई जाने लगती हैं जो बचपन से सुनी हैं। एक बालक है, जिसे माता पार्वती ने द्वार पर बिठाया है। शिवजी…
Advt.