जिलेवार साहित्यकारों का ब्योरा रहेगा
गजेटियर में जिलेवार साहित्यकारों का ब्योरा होगा। इसमें लेखकों का नाम, उनके माता-पिता और उनके जन्म की तारीख और स्थान शामिल होगा। यह उनकी शैली यानी उपन्यास, लघु कथाएं, कविता, यात्रा वृतांत आदि के बारे में भी बताएगा, इसके अलावा उनके प्रकाशित कार्यों के शीर्षक और उन्हें दिए गए पांच पुरस्कारों या सम्मानों का विवरण भी देगा। इसमें उनके डाक पते और उनके मोबाइल या उनके लैंडलाइन नंबर भी होंगे।
संकलन में उन लेखकों के नाम भी शामिल होंगे जो अब नहीं रहे।
दवे ने बताया कि हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि जो शोधकर्ता और अन्य लोग लेखकों के बारे में प्रामाणिक और वास्तविक जानकारी चाहते हैं, उन्हें यह एक ही स्थान पर मिल जाए। उन्होंने कहा कि संकलन में उन लेखकों के नाम भी शामिल होंगे जो अब नहीं रहे। संकलन में हिंदी और मप्र में बोली जाने वाली लगभग छह बोलियों में लिखने वाले साहित्यकारों को शामिल किया जाएगा। 23 जिलों का
डाटा पहले ही संकलित किया जा चुका है और शेष जिलों पर काम चल रहा है।
भोपाल जिले के 600 लेखक शामिल
भोपाल जिले के लेखकों की जानकारी संकलित करने वाले साहित्यकार गोकुल सोनी ने बताया कि संकलन में जिले के लगभग छह सौ लेखकों के नाम शामिल किए गए हैं। सरकार ने अभी तक गजेटियर के प्रकाशन के लिए बजट आवंटित नहीं किया है, जो अगले वर्ष मिलने की संभावना है। इससे पूर्व इसे साहित्य परिषद की वेबसाइट पर डिजिटल प्रारूप में अपलोड करने की योजना है। यह काम अलगे वर्ष की शुरुआत में हो जाएगा। इससे प्रिंटिंग से पूर्व संशोधन की गुंजाइश भी रहेगी।