भोपाल। राजधानी के बैरागढ़ थाने से पुलिस को चकमा देकर फरार हुए बंदी का दो दिन बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। इस घटना के बाद से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा है। आनन-फानन में खोजबीन शुरू की गई, लेकिन आरोपित के फरार होने के 48 घंटे से अधिक बीत जाने के बाद भी अब तक पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पाई है। इस मामले में एक आरक्षक को निलंबित किया जा चुका है। जबकि आला अधिकारियों ने इस मामले में लापरवाह अधिकारी की जिम्मेदारी तय नहीं की है।
सीहोर जेल से लेकर आई थी पुलिस
हम बता दें कि आरोपित राजकुमार अहिरवार को धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। जानकारी के मुताबिक, रविवार को उसे सीहोर जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया था। थाने की बिजली गुल होने का फायदा उठाकर कैदी फरार हो गया। भोपाल की बैरागढ़ पुलिस शनिवार को उसे थाने लाई थी। कैदी सीहोर कोतवाली में दर्ज मामले को लेकर जेल में बंद था।
ग्यारसपुर का रहने वाला है आरोपित
आरोपित राजकुमार ग्यारसपुर, विदिशा का रहने वाला है। वह आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ गंजबासौदा, विदिशा, सीहोर, भोपाल में मामले दर्ज हैं। रविवार सुबह संतरी को चकमा देकर बैरागढ़ थाने से भाग गया था। इस मामले में एक आरक्षक आशीष रावत को सस्पेंड किया जा चुका है। फिलहाल भोपाल पुलिस सीहोर ग्यारसपुर सहित अन्य जगहों पर फरार आरोपित की तलाश की जा रही है।