
अस्पताल प्रबंधन ने इसके बारे में जानकारी देते हुए बताया कि रोजाना जेपी में 70-80 मरीज आकर भर्ती होते हैं। अस्पताल में वार्ड में एक मरीज के साथ एक परिजन के ही रुकने की अनुमति दी जाती है। इसके कारण रात में कई मरीजों के परिजन फर्श व बेंच पर सोते नजर आते हैं। ठंड के मौसम इसके चलते वे भी बीमार हो सकते हैं। इसी को देखते हुए रैन बसेरा बनाने का फैसला लिया गया है।
हनुमान मंदिर के पास बनेगा
जला रहे अलाव
सिविल सर्जन डा. राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल में रेन बसेरा तैयार करने की योजना है। रोगियों के साथ परिजनों को भी सुविधा देने के लिए यह व्यवस्था की जा रही है। फिलहाल ठंड से बचाने के लिए अलाव जलाया जा रहा है।