इंदौर। बुधवार का सूरज जब उगा, तो यह केवल धरती पर ही नहीं उगा बल्कि कुछ दिव्यांगों के जीवन में भी उदित हुआ। यह सूरज इनके जीवन में उत्सवी उल्लास और उजाला लेकर आया। हुआ यूं कि संस्था स्व. चंदाबाई मां गायत्री लक्ष्मीनारायण मानव सेवा संस्था ने इंदौर में माणिकबाग ब्रिज के समीप 31 कन्याओं का विवाह करवाया। इनमें अधिकांश कन्याएं ऐसी रहीं जो दिव्यांग, निर्धन, बेसहारा हैं या जिनके माता-पिता नहीं हैं।
इनमें
इंदौर, उज्जैन, धार, नर्मदापुरम,
भोपाल, देवास, खरगोन, टीकमगढ़ सहित महाराष्ट्र व उत्तर प्रदेश की कन्याएं भी शामिल रहीं। आयोजक किशन सिंह चौहान ने बताया- इस समारोह में दिल को छू लेने वाली बात यह रही कि इंदौर के समाजसेवियों ने इनमें से एक-एक जोड़े को गोद लिया और सबको शानदार उपहार भेंट किए।
चित्र में दिख रहे इस दिव्यांग जोड़े में वधु हैं धार निवासी रेशमा परमार, जिनका सहारा अब तक व्हील चेयर रही, किंतु अब चेयर के साथ-साथ पति धर्मदास पाल भी सहारा होंगे। टीकमगढ़ निवासी धर्मदास के दोनाें हाथ नहीं हैं, किंतु इनका प्रेम इतना प्रगाढ़ है कि इन्होंने पांवों से वरमाला पहनाई। ये पांव से ही कंप्यूटर चलाते हैं और डाटा एंट्री आपरेटर की नौकरी कर स्वाभिमानी जीवन जी रहे हैं।