भोपाल। शहर की सड़कों से धूल हटाने के लिए नगर निगम रोड स्वीपिंग मशीनों की संख्या बढ़ाने जा रहा है। इसके लिए छह नई मशीनें खरीदने की योजना बनाई गई है। इसमें करीब पांच करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अभी मुख्य सड़कों पर झाड़ू लगाने के लिए तीन रोड स्वीपिंग मशीनें हैं, नई मशीनों के आने के बाद इनकी संख्या नौ हो जाएगी।
धूल बढ़ा रही वायु प्रदूषण
बता दें कि शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक निरंतर खतरनाक स्तर तक जा चुका है, जिससे हवा सांस लेने लायक नहीं बची है। इसका बड़ा कारण सड़कों से उड़ती धूल और बीएस थ्री और फोर के वाहनों से निकलने वाला प्रदूषण है। इसे देखते हुए नगर निगम लगातार सड़कों की धूल को कम करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन यह प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। क्योंकि रोजाना सड़कों की साफ-सफाई के दौरान भी बड़े स्तर पर धूल उड़ती है। इसलिए अब नगर निगम मैनुअली के साथ सड़कों की सफाई में मशीनों को भी शामिल कर रहा है।
तीन मशीनों के हवाले 800 किमी सड़कें
वर्तमान में शहर के अंदर विभिन्न एजेंसियों की 3800 किमी सड़कें हैं। इनमें से करीब 800 किलोमीटर मुख्य मार्ग है, जिनमें रोड स्वीपिंग मशीनों से झाड़ू लगाया जाना चाहिए। अभी सिर्फ तीन मशीनों के होने से सड़कों की सफाई कागजों में हो रही है। हालांकि वीआइपी क्षेत्रों जैसे लिंक रोड नंबर एक, दो और तीन, चार इमली, अरेरा कालोनी, शिवाजी नगर, होशंगाबाद रोड सहित एयरपोर्ट रोड पर ही यह मशीनें चलती देखी जा सकती हैं।
इनका कहना
नई रोड स्वीपिंग मशीनों के आने के बाद काफी हद तक सड़कों की आसानी से और जल्द सफाई हो जाएगी। इस मशीन की खासियत है कि सफाई के दौरान यह धूल भी अपने टैंक में जमा करती है। इसे बाद में खाली किया जाता है। यह काफी हद तक कारगर साबित होगी।
- विनीत तिवारी, अपर आयुक्त, भोपाल नगर निगम