
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में विजेता उम्मीदवारों की आपराधिक और आर्थिक पृष्ठभूमि पर एक रिपोर्ट एडीआर (एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्म्स) ने तैयार की है। यह प्रत्याशियों द्वारा नामांकन पत्र के साथ जमा कराए गए शपथ पत्र में दी गई जानकारियों पर आधारित है। इसमें कई नेताओं ने विभिन्न बैंकों के बड़े देनदार होने का भी उल्लेख किया है। इसके अनुसार भाजपा विधायक सुरेंद्र पटवा 57 करोड़ रुपये तो भूपेंद्र सिंह 23 करोड़ रुपये के देनदार हैं।
भाजपा विधायक सुरेंद्र पटवा की कुल संपत्ति 66 करोड़ रुपये हैं और उन पर 57 करोड़ रुपये की देनदारी है। वहीं खुरई से भाजपा विधायक और मंत्री भूपेंद्र सिंह की कुल संपत्ति 84 करोड़ रुपये है, उन पर 23 करोड़ रुपये की देनदारी है। महीदपुर से कांग्रेस के विजेता उम्मीदवार दिनेश जैन बोस के पास नौ करोड़ रुपये की संपत्ति है और वे 30 करोड़ रुपये के देनदार है।
भाजपा विधायक संजय पाठक की बिजनेस से अर्जित वार्षिक आय तीन करोड़ रुपये है। वहीं भूपेंद्र सिंह ने कृषि, दूध डेयरी, मैरिज गार्डन, होटल, आटोमोबाइल और पेट्रोल पंप से स्वयं पत्नी और आश्रित सहित चार करोड़ रुपये वार्षिक आय घोषित की है। इनमें स्वयं की आय 57 लाख रुपये बताई गई है। वहीं भाजपा विधायक दिनेश राय मुनमुन ने दो करोड़ रुपये सालाना आय होने की घोषणा की है।
205 यानी 89 प्रतिशत विजेता करोड़पति हैं। इन विजेता उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 11.77 करोड़ रुपये है। इनमें भाजपा के 144 और कांग्रेस के 61 विजेता उम्मीदवार की घोषित संपत्ति एक करोड़ से अधिक है। पांच करोड़ वाले 102, दो करोड़ से पांच करोड़ वाले 71, 50 लाख से दो करोड़ वाले 48 और 50 लाख से कम संपत्ति वाले नौ विजेता उम्मीदवार है।
2018 में 187 करोड़पति विधायक थे। भाजपा के विजेता उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 12.35 प्रतिशत और कांग्रेस के विजेताओं की संपत्ति 10.54 प्रतिशत करोड़ है। यानी कांग्रेस के विजेताओं की तुलना में भाजपा के विजेता करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या अधिक है। भारत आदिवासी पार्टी के एक विजेता की औसतन संपत्ति 18.32 लाख रुपये है।
64 विजेता उम्मीदवार पांचवीं से 12वीं पास
230 विजेता उम्मीदवारों में से 64 विजेता पांचवीं से 12वीं पास हैं। वहीं 161 यानी 70 प्रतिशत विजेता स्नातक और इससे अधिक उच्च शिक्षक हैं। तीन डिप्लोमा धारक और दो विजेता उम्मीदवार साक्षर हैं। विजेता उम्मीदवारों में 71 की आयु 31 से 50 वर्ष के बीच है जबकि 159 की आयु 51 से 80 वर्ष के बीच है। महिला प्रतिनिधित्व में 27 यानी 12 प्रतिशत महिला विजेता उम्मीदवार हैं।