
प्रदेश में गठित होने जा रही 16वीं विधानसभा में करोड़पतियों की संख्या और औसत संपत्ति में इजाफा हुआ है। पिछली बार की तुलना में करोड़पति विधायकों की संख्या 187 (81%) से बढ़कर 205 (89%) पहुंच गई है। 2018 की तुलना में 18 नए करोड़पति विधायक जुड़े हैं। विधायकों की औसत संपत्ति पिछली 10.17 करोड़ से बढ़कर 11.7 करोड़ पहुंच गई है।
भाजपा के 163 विधायकों की औसत संपत्ति 12.35 करोड़ और कांग्रेस के 66 विधायकों की औसत संपत्ति 10.54 करोड़ रुपए है। एडीआर और मप्र इलेक्शन वॉच की ओर से मंगलवार को रिपोर्ट जारी हुई है। अपराधी प्रवृत्ति के विधायकों की संख्या में 2% की कमी आई है। जीतकर आए 230 विधायकों में से 90 (39%) ऐसे हैं, जिन्होंने चुनावी हलफनामें में आपराधिक प्रकरणों की जानकारी निर्वाचन आयोग को दी है। वर्ष 2018 में जीतकर आने वाले 94 यानी 41% विधायकों ने आपराधिक मामलों की जानकारी दी थी।
2 ने खुद को सिर्फ साक्षर बताया
जीतकर आए 64 विधायकों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता 5वीं से 12वीं तक घोषित की है, जबकि 161 ने शैक्षिक योग्यता ग्रेजुएट या इससे अधिक बताई है। तीन ने खुद को डिप्लोमा धारक और दो ने खुद को सिर्फ साक्षर बताया है।