सरकार ने बुधवार को घोषणा की कि कन्नड़ सिनेमा, हिंदी फिल्मों और बेहद लोकप्रिय टीवी सीरीज ‘मालगुडी डेज’ में काम करने वाले अनुभवी अभिनेता अनंत नाग को 2024 के दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। उन्हें यह सम्मान अलग-अलग भाषाओं में पांच दशकों से ज़्यादा समय तक किए गए उनके काम के लिए ये सम्मान दिया जा रहा है।78 वर्षीय अभिनेता को 22 सितंबर, 2026 को गुजरात के केवड़िया में होने वाले 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में भारत के सिनेमा जगत के इस सबसे बड़े सम्मान से नवाजा जाएगा। उन्हें 2025 में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था। इस सम्मान की घोषणा करते हुए सरकार ने कहा कि नाग का फिल्मी सफर 'कलाकारों की कई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है और इसने देश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया है।'‘संकल्प’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत
उन्हें दादा साहब फाल्के पुरस्कार चयन समिति की सिफारिश पर चुना गया था। नाग ने कन्नड़ फिल्म ‘संकल्प’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की और ‘अंकुर’ से हिंदी सिनेमा में कदम रखा।
इंडस्ट्री में 53 साल पूरे
2023 में अपने करियर के 50 साल पूरे करने वाले नाग ने कन्नड़, हिंदी, तेलुगू, मलयालम, तमिल और मराठी भाषाओं में 300 से ज़्यादा फिल्मों में काम किया। उनके टेलीविजन के काम में ‘मालगुडी डेज’ भी शामिल है, जिसने अलग-अलग तरह के किरदारों और भाषाओं वाले उनके शानदार करियर में एक और आयाम जोड़ा।
इन पुरस्कारों से नवाजे गए अनंत नाग
उन्हें पांच फिल्मफेयर अवॉर्ड और पांच कर्नाटक राज्य सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार मिले हैं, साथ ही कर्नाटक राज्योत्सव पुरस्कार और राज्य का लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड भी मिला है। नाग का सार्वजनिक जीवन पर्दे तक ही सीमित नहीं था। उन्होंने 1988 से 1994 तक कर्नाटक विधान परिषद और 1994 से 1999 तक विधानसभा में सेवा की। विधानसभा में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बैंगलोर शहर के विकास के लिए राज्य मंत्री के रूप में काम किया।क्यों दिया जाता है दादा साहब फाल्के पुरस्कार?
1969 में शुरू हुए दादा साहब फाल्के पुरस्कार (जिसकी पहली प्राप्तकर्ता देविका रानी थीं) से भारतीय सिनेमा के विकास और उन्नति में उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित किया जाता है। यह पुरस्कार उस फिल्म निर्माता की याद में दिया जाता है जिन्होंने 1913 में भारत की पहली फुल-लेंथ फीचर फिल्म ‘राजा हरिश्चंद्र’ का निर्देशन किया था। इस पुरस्कार में स्वर्ण कमल पदक, एक शॉल और 10 लाख रुपये की नकद राशि दी जाती है।