
भोपाल। ऐसे कानून जिनकी अब जरूरत नहीं हैं, उनका सभी विभाग ठीक से परीक्षण कर लें और यदि निरस्त किया जाना है तो प्रस्ताव बनाकर भेजें। 20 जुलाई से मानसून सत्र प्रारंभ हो रहा है, जो विधेयक इसमें प्रस्तुत किए जाने हैं, उन्हें कैबिनेट की अनुमति के लिए प्रस्तुत करें। पहले के सत्रों के अपूर्ण प्रश्न, शून्यकाल सूचनाएं, आश्वासन और लोकलेखा समिति की सिफारिशों को लेकर उत्तर समय-सीमा में विधानसभा को भेज दिए जाएं। इसमें लापरवाही न हो।
यह निर्देश मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बुधवार का मंत्रालय में विभागीय कार्यों और योजनाओं की समीक्षा करते हुए दिए। साथ ही सीएम हेल्पलाइन के प्रकरण विभागाध्यक्ष स्तर तक आने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इनका निराकरण स्थानीय स्तर पर ही होना चाहिए।
बैठक में मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों से कहा कि पदोन्नति के नए नियम पर कोई रोक नहीं है। देख लें, यदि कर सकते हैं तो फिर कर दें। इस संबंध में महाधिवक्ता कार्यालय से भी मार्गदर्शन ले लें। उल्लेखनीय है कि पदोन्नति नियम 2025 को हाई कोर्ट जबलपुर में सामान्य वर्ग के कर्मचारियों द्वारा चुनौती दी गई है, जिस पर लंबी सुनवाई के बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया गया है।