
दरअसल, कई शूटर्स ने पुलिस और प्रशासन को गलत जानकारी देकर लाइसेंस बनवाए थे और उनका दुरुपयोग करते हुए बड़ी संख्या में हथियार और कारतूस खरीदे-बेचे। जांच के दौरान शूटर्स सही जानकारी भी उपलब्ध नहीं करवा पाए थे।
जांच में सामने आया मामला
सात अगस्त को गठित टीम ने राजधानी के 80 शूटर्स को नोटिस जारी कर रिकॉर्ड मांगा था। 25 से 29 अगस्त तक हुई सुनवाई के बाद जांच टीम ने रिपोर्ट सौंपी। इसमें खुलासा हुआ कि शूटर्स लंबे समय से प्रतियोगिताओं में शामिल नहीं हो रहे थे और कई ने फर्जी घोषणापत्र देकर लाइसेंस का नवीनीकरण भी करवाया। कुछ शूटर्स पर आपराधिक प्रकरण और वन अपराध भी दर्ज पाए गए।
इन पर हुई कार्रवाई
निलंबित लाइसेंसों में सैय्यद अयान उद्दीन, फरहान उल हक, अखिलेंद्र सिंह, शफीक खान, मारूफ मोहम्मद खान, मोहम्मद जैद खान, असलम परवेज, आमिर खान, सुवयबा बुखारी, मुस्तफा अली खान, निशात खान, फहीम हसन, हसीब खां, अब्दुल अली खान, सैय्यद शारिक बुखारी, नासिर सादब अकबर, साद खान, अरशद हसन खान, हर्षित तिवारी, सौरभ कुमार सिंह, समीर खान, जुबिया खान, आराश हुसैन, उमर मोहम्मद खान, सैय्यद नादिर हुसैन, फैजान खान, फैसल नईम, अब्बास हसन खान और साहिब उर रहमान शामिल हैं।
खास खुलासे
कलेक्टर ने बताया कि जांच में खेल लाइसेंस की आड़ में कारोबार और फर्जी दस्तावेजों से लाइसेंस नवीनीकरण की पुष्टि हुई है, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई है।