पंडित विनोद गौतम ने बताया कि नवरात्र पर्व का नौवां दिन महानवमी आज सोमवार को मनाया जा रहा है। नवमी तिथि के दिन कन्या पूजन किया जाता है। इस दिन कन्याओं को देवी का स्वरुप मानकर पूजा की जाती है। नवमी तिथि के दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। कहते हैं नवमी तिथि के दिन कन्याओं का पूजन करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। देवी मंदिरों में कन्याभोज व भंडारे होंगे।
श्रवण नक्षत्र के साथ गजकेसरी योग
महानवमी तिथि का आरंभ 22 अक्टूबर को रात में आठ बजे से हो गया है। 23 अक्टूबर को उदया तिथि में नवमी तिथि होने से महानवमी का कन्या पूजन सोमवार 23 अक्टूबर को होगा। 23 अक्टूबर के दिन शाम में 5:45 मिनट तक नवमी तिथि रहेगी। इस दिन श्रवण नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है। साथ ही चंद्रमा का संचार मकर राशि में होगा और गुरु मेष राशि में रहेंगे, जिससे गजकेसरी योग का निर्माण हो रहा है।
कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त
23 अक्टूबर को सुबह 06:26 से लेकर 7:15 तक अमृत योग में कन्या पूजन करना शुभ रहेगा। इसके बाद सुबह 09:16 से लेकर 10:40 तक शुभ योग में आप कन्या पूजन कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर - 'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।'