सीतामढ़ी: तस्कर शराब की सुरक्षित तस्करी के लिए नदी की धारा के सहारे शराब की खेप नेपाल से भारतीय क्षेत्र में ले जा रहे थे। पूरा तरीका एकदम फिल्मी था, पुष्पा स्टाइल। मतलब चंदन की लकड़ियां नदी में फेंक दो और नाके से आगे जाकर उसे छान कर निकाल लो। सीतामढ़ी में शराब तस्करों ने भी ऐसा ही तरीका अपनाया था। लेकिन पुलिस ने कुछ ऐसा किया कि तस्कर भी हैरान रह गए और सिर पर पैर रख भाग छूटे। मामला सोमवार की देर रात का हैनदी से नेपाली शराब जब्त
बताया गया है कि कन्हौली थाना पुलिस ने लखनदेई नदी की धारा से नेपाली देशी सौंफी शराब की खेप जब्त की है। हालांकि पुलिस की भनक लगते ही तस्कर फरार हो गए। पुलिस ने जब्त शराब को लेकर अज्ञात तस्कर के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर नेपाल से शराब की तस्करी को पुराने रास्तों को छोड़ लखनदेई नदी का सहारा ले रहे है और शराब की खेप भारतीय क्षेत्र में ला रहे है। पहुंचाई जा रही सूचना पर थानाध्यक्ष सुनील कुमार यादव के नेतृत्व में पुलिस ने मिडिल स्कूल, मुंहचट्टी के पीछे नदी की धारा से काले पॉलीथिन में बंधी शराब की 22 बोरी बरामद की। प्रत्येक बोरी में पांच कार्टन शराब थी। कुल 3300 पीस नेपाली देशी सौफी शराब मिली। खबर है कि नदी के रास्ते भारतीय क्षेत्र में शराब लाने के बाद तस्कर उसे छोटी गाड़ियों से विभिन्न स्थानों पर भेजते है।
पुष्पा स्टाइल टेक्निक अपनाई थी
शराब तस्करों ने पुष्पा फिल्म की स्टाइल में शराब को काली पॉलिथीन में पैक कर उसे नदी में बहा दिया था। इसके बाद तय जगह पर शराब को बहते पानी से ही निकाल लेने की तैयारी थी। चुंकि पॉलिथीन शीट में भरी हवा के चलते शराब डूबी नहीं और तैरती हुई नदी को पार करने लगी। लेकिन बीच में ही पुलिस ने तस्करों से पहले शराब को नदी से निकाल लिया। फिल्मी स्टाइल वाली तस्करी का आइडिया पुलिस ने उसी नदी में डुबो दिया, जिसमें से शराब निकालने का आइडिया लाया गया था।नाव से शराब की खेप हुई थी जब्त
पिछले माह बैरगनिया में इंडो -नेपाल बॉर्डर पर तैनात एसएसबी ने नाव से तस्करी कर लें जा रहे 1320 बोतल नेपाली सौंफ शराब जब्त की थी। यह कार्रवाई तब की गई थी, जब बागमती नदी से एक नाव को नेपाल से भारतीय सीमा में प्रवेश करते देखा गया था। एसएसबी जवानों के रोकने के इशारे पर तस्कर नाव से कूदकर पानी में भाग निकले थे।