भोपाल। ग्यारह बार राष्ट्रीय खेलों में भाग ले चुके शहर के उदीयमान बैडमिंटन खिलाड़ी अजय जायसवाल को खेलते-खेलते घुटने में दर्द होने लगा। धीरे धीरे दर्द इतना बढ़ गया कि खड़ा होना भी मुश्किल हो गया था। कई अस्पतालों में जाने के बाद भी आराम नहीं मिला। नेचुरोपैथी भी कराई, लेकिन कोई आराम नहीं मिला। इसके बाद वह एम्स भोपाल के पेन क्लिनिक में पहुंचे, जहां उनके घुटने का उपचार शुरू किया गया। जिसमें घुटने के टिश्यू खराब होना पाया गया। फिर उनका इलाज प्लेटलेट रिच प्लाज्मा थैरेपी से किया गया। इस उपचार से उन्हें काफी आराम मिला और वह फिर से बैडमिंटन कोर्ट में उतरते हुए अपने सपनों को गति देने में जुट गए हैं। बता दें कि एम्स भोपाल के पेन क्लिनिक में हर माह लगभग 15 से 20 मरीज दर्द से छुटकारा पाने के लिए आते हैं।
बैडमिंटन खिलाड़ी ने जताई खुशी
अजय जायसवाल ने कहा कि मैं एम्स के चिकित्सकों का शुक्रगुजार हूं कि मेरा एक बार फिर से बैडमिंटन खेलने का सपना साकार कर सके। यह किसी चमत्कार से कम नहीं था। प्लेटलेट रिच प्लाज्मा थैरेपी से मुझे काफी लाभ हुआ और मैं एक हफ्ते के अंदर मैं फिर से खेलने लगा था।
खराब हो गए थे घुटने के टिश्यु
वहीं एम्स के चिकित्सक डा. अनुज जैन ने बताया कि शुरुआती जांच करने के बाद इनके घुटने की सूजन को देख कर पता चला कि उनके घुटने के टिश्यू खराब हो गए हैं जिससे एडिमा निकल रहा था। ऐसे में डायगनोस करना काफी मुश्किल था। मरीज का रियल टाइम अल्ट्रासाउंड किया गया। इनका इलाज प्लेटलेट रिच प्लाज्मा थैरेपी (पीआरपी)से किया गया। इस उपचार पद्धति में मरीज के रक्त से ही प्लाज्मा निकालकर उस चोटिल स्थान पर लगा दिया जाता हैं।
ऐसे होता है उपचार
एम्स में पेन मैनेजमेंट स्पेशलिस्ट डा.अनुज जैन ने प्लेटलेट रिच प्लाज्मा थेरेपी के विषय में बताया कि हमारे खून के कई पार्ट होते हैं। इसकी खास बात यह होती है इसमें बहुत सारे ऐसे गुणकारी तत्व भी होते हैं। जिससे पुरानी चोटों को ठीक किया जा सकता है। इसमें हम मरीज की नसों से 20-25 एमएल खून निकालते हैं। फिर उस खून को एक स्पेशल मशीन द्वारा ट्रीटमेंट करते हैं। फिर बने हुए प्लाजमा को चोट वाली जगह पर इंजेक्ट करते हैं। यह खास तौर पर स्पोटर्स इंजुरी को ठीक करने में बहुत लाभकारी है।