कर्नाटक शपथ ग्रहण में ममता-नीतीश को न्योता, पर इन विपक्षियों को कांग्रेस ने बुलाया ही नहीं

Updated on 19-05-2023 06:48 PM
नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी के लिए 20 मई बड़ा दिन है। इस दिन कर्नाटक में कांग्रेस सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा रहा है। सिद्धारमैया सीएम होंगे और डीके शिवकुमार उनके डेप्युटी बनेंगे। खास बात यह है कि कांग्रेस इस मौके का इस्तेमाल अपने शक्ति प्रदर्शन और विपक्षी एकजुटता के लिए करना चाहती है, जो 2024 के लिए बड़ा संदेश होगा। कांग्रेस ने इसके लिए कई प्रमुख विपक्षी नेताओं को न्योता भेजा है। हालांकि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव और बसपा सुप्रीमो मायावती समेत कई नेताओं को न्योता नहीं गया है। ऐसे में यह जानना दिलचस्प है कि कांग्रेस ने किसे बुलाया है और किसे छोड़ दिया। न बुलाने की एक वजह ऐंटी-कांग्रेस मोर्चे की सुगबुगाहट भी मानी जा रही है। कुछ विपक्षी नेता कांग्रेस को छोड़ तीसरा मोर्चा खड़ा करने की कोशिश करते देखे गए थे। बताया गया है कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इन नेताओं को आमंत्रित किया है।


शपथ ग्रहण में कांग्रेस का इन्हें न्योता

  1. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
  2. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन
  3. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
  4. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
  5. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार
  6. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव
  7. नेशनल कांफ्रेस के नेता फारूक अब्दुल्ला
  8. बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव
  9. शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे

... और इन्हें भूली कांग्रेस
सूत्रों ने बताया है कि बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती को न्योता नहीं भेजा गया है। केरल के सीएम पिनाराई विजयन, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, आंध्र के सीएम जगनमोहन रेड्डी को भी कांग्रेस ने नहीं बुलाया है।

पश्चिम बंगाल राज्य सचिवालय के अंदर से जानकारी आई है कि ममता बनर्जी सिद्धारमैया के शपथ ग्रहण समारोह से दूर रह सकती हैं और उनकी जगह कोई प्रतिनिधि जा सकता है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव डी राजा ने निमंत्रण मिलने की पुष्टि की है। एक दिन पहले कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया था कि शपथ ग्रहण समारोह के लिए समान विचारधारा वाले दलों के नेताओं को आमंत्रित किया जा रहा है। कांग्रेस शपथ ग्रहण के मौके पर विपक्षी एकजुटता का संदेश देने का प्रयास कर रही है।

देखा भी गया है कि 2024 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कुछ महीनों से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और JDU नेता नीतीश कुमार विपक्षी एकजुटता का प्रयास कर रहे हैं। आने वाले दिनों में बिहार की राजधानी पटना में विपक्ष के प्रमुख नेताओं की एक बैठक भी होने वाली है। कर्नाटक में 224 सदस्यीय विधानसभा के लिए 10 मई को हुए चुनाव में कांग्रेस ने शानदार जीत हासिल की है। कांग्रेस को 135 सीटें, जबकि सत्तारूढ़ भाजपा को 66 और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा की पार्टी जेडीएस को मात्र 19 सीटें मिली हैं। कांग्रेस खेमा इस जीत के बाद पूरी तरह उत्साहित है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 21 September 2026
BRICS के बढ़ते प्रभाव, भारत-चीन संबंधों, ऊर्जा सुरक्षा और UNSC में सुधार जैसे मुद्दों पर दुनिया की नजर है। ऐसे में भारत के लिए इस मंच की बदलती भूमिका कितनी…
 21 September 2026
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन ( SIR ) के बाद मतदाता सूची से हटाए गए अनगिनत वोटर शायद एक दशक तक वोट न दे पाएं। ऐसा इसलिए…
 21 September 2026
मृत्युंजय राय: क्या पश्चिमी देशों के वर्चस्व का दौर दुनिया में खत्म हो रहा है और उसकी जगह जो नई तस्वीर उभर रही है, वह कैसी है? सर विंस केबल…
 21 September 2026
मनु पब्बी, नई दिल्ली: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटों से करीबी संबंध रखने वाली एक अमेरिकी ऑटोनॉमस सिस्टम कंपनी ने भारतीय कंपनी के साथ एंटी-ड्रोन सिस्टम बनाने और बेचने का…
 21 September 2026
नई दिल्ली: भारत की प्राइवेट डिफेंस टेक्नोलॉजी कंपनी आईजी डिफेंस ने अपने लंबी दूरी के वन-वे ड्रोन KAL का राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में फ्लाइट टेस्ट पूरा किया…
 21 September 2026
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में चल रही SIR प्रक्रिया के तहत दी गई जानकारी में "गड़बड़ियों" के कारण जिन वोटरों को नोटिस भेजे जा रहे हैं, उनकी लिस्ट में दिवंगत…
 20 September 2026
नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव में ABVP की शानदार जीत के बाद देश का सियासी पारा भी चढ़ गया है। बीजेपी और एबीवीपी के नेताओं ने कांग्रेस और…
 20 September 2026
सुभद्रा श्रीवास्तव, नई दिल्ली: देश के 180 से अधिक वैज्ञानिकों और इको लॉजिकल एक्सपर्ट ने सुपर अल नीनो को लेकर अलर्ट जारी किया है। उन्होंने रिसर्चर्स और इस क्षेत्र में…
 20 September 2026
गणेश उत्सव आते ही घर-घर में वे कथाएं फिर दोहराई जाने लगती हैं जो बचपन से सुनी हैं। एक बालक है, जिसे माता पार्वती ने द्वार पर बिठाया है। शिवजी…
Advt.