कर्नाटक फतह हो गया, बाकी प्रदेशों में ट्रॉफी कैसे मिले? चुनावी राज्यों पर महामंथन करेंगे खरगे
Updated on
24-05-2023 06:48 PM
नई दिल्ली: कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बीजेपी (BJP) को भारी शिकस्त देने के बाद कांग्रेस (Congress) का जोश हाई है। पार्टी का फोकस अब अन्य राज्यों के विधानसभा चुनावों की तैयारी पर है। कुछ राज्यों में बीजेपी के साथ कांग्रेस का सीधा मुकाबला है। अगले कुछ महीनों में मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव होने हैं, कांग्रेस इन राज्यों में चुनावी रणनीति पर काम कर रही है और 24 मई को राज्य के नेताओं की एक बैठक बुलाई है। उधर पार्टी के लिए अभी सबसे बड़ा सिरदर्द राजस्थान बना हुआ है। सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच 2020 से सत्ता को लेकर खींचतान चल रही है। ऐसे में राजस्थान चुनाव को लेकर रणनीति बनाना मुश्किल हो गया है।
पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी इस मामले को सुलझाने के लिए सक्रिय भूमिका में नजर आ रहे हैं। कांग्रेस के बागी नेता सचिन पायलट को मंगलवार शाम को दिल्ली तलब किया गया है। राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर रंधावा को भी दिल्ली बुलाया गया है। जानकारी के अनुसार, दोनों नेता राजस्थान में चल रही आंतरिक कलह को लेकर पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात कर सकते हैं। जानकारी के अनुसार, 26 मई को राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर बैठक के दौरान ही सचिन पायलट और गहलोत के बीच विवाद को सुलझाने की कोशिश की जाएगी। अगर मामला सुलझ गया तो ठीक वरना फिर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे इसके बाद आने वाले दिनों में पायलट पर कोई आखिरी फैसला कर सकते हैं।
क्या है राजस्थान का मामला?
हाल ही में कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जन संघर्ष यात्रा निकाली थी। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया था कि सीएम अशोक गहलोत ने वसुंधरा राजे की सरकार के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की है। वहीं कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने इसे पायलट की व्यक्तिगत यात्रा बता दिया था। पायलट लगातार कह रहे हैं कि चार साल से ज्यादा हो गए लेकिन राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार पर कुछ नहीं किया। पायलट का कहना है कि 'मैंने सीएम अशोक गहलोत को दो बार मामले पर लेटर भी लिखा लेकिन कोई चर्चा नहीं हई। उधर हाल ही में अशोक गहलोत ने पायलट और उनके गुट पर निशाना साधते हुए कहा था कि सरकार गिराने के लिए विधायकों ने बीजेपी से पैसे लिए थे। इस पर पायलट ने पलटवार किया कि गहलोत गलत बयान दे रहे हैं। सचिन पायलट और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच 2020 से सत्ता को लेकर तनातनी चल रही है।